LLB उत्तर पुस्तिकाओं के मुफ्त निरीक्षण में बड़ा खुलासा: 186 में से सिर्फ 84 छात्र पहुंचे, कई कॉपियों में मिली आपत्तिजनक टिप्पणियां

मुरादाबाद:
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में एलएल.बी. विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं के निःशुल्क निरीक्षण के दूसरे दिन कई अहम तथ्य सामने आए। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार 186 विद्यार्थियों ने निरीक्षण के लिए आवेदन किया था, लेकिन केवल 84 छात्र ही अपनी उत्तर पुस्तिकाएं देखने पहुंचे। इनमें से 41 विद्यार्थियों ने पुनर्मूल्यांकन की मांग की, जबकि 43 छात्र अपने प्राप्तांकों से संतुष्ट दिखाई दिए।

उत्तर पुस्तिकाओं में मिला आपत्तिजनक लेखन
निरीक्षण के दौरान कई उत्तर पुस्तिकाओं में आपत्तिजनक टिप्पणियां और निर्धारित मानदंडों के विपरीत विद्यार्थियों द्वारा अपनी पहचान उजागर करने के मामले सामने आए। विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों ने इसे परीक्षा नियमों का उल्लंघन बताया है।

संकाय सदस्यों के अनुसार निरीक्षण में अधिकांश उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सही पाया गया। केवल 2 से 3 उत्तर पुस्तिकाओं में ही अंकों में परिवर्तन की संभावना दिखाई दी है। हालांकि अंतिम निर्णय पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि निःशुल्क निरीक्षण के लिए पंजीकृत एलएल.बी. (त्रिवर्षीय) पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों से पुनर्मूल्यांकन के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस निर्णय से उन विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी जो अपने परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर पुस्तिकाओं के निःशुल्क निरीक्षण की व्यवस्था परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों को अपने मूल्यांकन की वास्तविक स्थिति जानने का अवसर मिलता है और परीक्षा प्रक्रिया के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है।
प्रमुख तथ्य
10 महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को निरीक्षण के लिए बुलाया गया।
186 विद्यार्थियों ने आवेदन किया।
केवल 84 विद्यार्थी निरीक्षण के लिए पहुंचे।
43 विद्यार्थी अपने अंकों से संतुष्ट रहे।
41 विद्यार्थियों ने पुनर्मूल्यांकन की मांग की।
कई उत्तर पुस्तिकाओं में आपत्तिजनक लेखन मिला।
कई विद्यार्थियों ने उत्तर पुस्तिकाओं में अपनी पहचान भी लिख दी।
केवल 2-3 उत्तर पुस्तिकाओं में अंकों में बदलाव की संभावना जताई गई।
एलएल.बी. (त्रिवर्षीय) के पंजीकृत विद्यार्थियों से पुनर्मूल्यांकन के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।











