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बिजनौर में बड़ा एक्शन! DM के आदेश पर कीटनाशकों की ताबड़तोड़ जांच, दो चीनी मिलों के बिक्री केंद्रों को नोटिस, 8 सैंपल लैब भेजे

बिजनौर में कीटनाशकों पर प्रशासन का ‘ऑपरेशन क्लीन’! दो चीनी मिलों के बिक्री केंद्रों पर गिरी गाज, 8 सैंपल लैब भेजे

DM के सख्त निर्देश के बाद ताबड़तोड़ छापेमारी, रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलते ही नोटिस; अब लैब रिपोर्ट तय करेगी आगे की कार्रवाई
बिजनौर | TargetTvLive | अवनीश त्यागी

बिजनौर में नकली और संदिग्ध कीटनाशकों के कारोबार पर जिला प्रशासन ने बड़ा प्रहार किया है। खरीफ सीजन के बीच जिलाधिकारी के निर्देश पर कृषि विभाग और गन्ना विभाग की संयुक्त टीम ने सोमवार को जिले के कई कीटनाशक बिक्री केंद्रों, चीनी मिलों और सहकारी गन्ना समितियों पर एक साथ छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया।

कार्रवाई के दौरान दो चीनी मिलों के बिक्री केंद्रों में अभिलेखों में अनियमितताएं मिलने पर तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए गए, जबकि 8 कीटनाशकों के नमूने गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अब सभी की निगाहें लैब रिपोर्ट पर टिकी हैं, क्योंकि रिपोर्ट के आधार पर संबंधित संस्थानों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

किसानों के नाम पर लापरवाही अब नहीं चलेगी

प्रशासन का साफ संदेश है कि किसानों तक पहुंचने वाला हर कीटनाशक तय मानकों पर खरा उतरना चाहिए। यदि कोई संस्था बिना नियमों का पालन किए कीटनाशकों का भंडारण या वितरण करती मिली तो उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

संयुक्त अभियान का नेतृत्व जिला कृषि अधिकारी एवं जिला कृषि रक्षा अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया तथा प्रभारी जिला गन्ना अधिकारी ने किया। टीम ने हिंदुस्तान एग्रो, बिजनौर, उत्तम शुगर मिल प्रा. लि. मंडावर बिक्री केंद्र, द्वारिकेश शुगर मिल अफजलगढ़, धामपुर शुगर मिल, वेव इंडस्ट्री प्रा. लि. बिजनौर और विभिन्न सहकारी गन्ना विकास समितियों में दस्तावेजों, स्टॉक और वितरण व्यवस्था की गहन जांच की।

दो केंद्रों पर रिकॉर्ड अधूरे, तुरंत जारी हुए नोटिस

निरीक्षण के दौरान उत्तम शुगर मिल प्रा. लि. मंडावर बिक्री केंद्र और वेव इंडस्ट्री प्रा. लि. बिजनौर के अभिलेख अधूरे पाए गए। अधिकारियों ने दोनों प्रतिष्ठानों को बिना देर किए कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा।

साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए कि आईपीएमएस (IPMS) पोर्टल पर विधिवत पंजीकरण पूरा किए बिना किसी भी प्रकार के कीटनाशकों का वितरण नहीं किया जाएगा। सभी बिक्री केंद्रों को केवल प्रमाणित और गुणवत्तायुक्त कीटनाशकों की बिक्री सुनिश्चित करने को कहा गया।

8 सैंपल लैब भेजे, रिपोर्ट के बाद होगी अगली कार्रवाई

अभियान के दौरान अलग-अलग प्रतिष्ठानों से 8 कीटनाशकों के नमूने लेकर उन्हें अधिकृत प्रयोगशाला भेजा गया है। यदि जांच में कोई नमूना अमानक या नकली पाया जाता है तो संबंधित विक्रेता या संस्था के खिलाफ कीटनाशक अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’

जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने दो टूक कहा कि किसानों के हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। नकली, अमानक या बिना पंजीकरण के कीटनाशकों का कारोबार करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि जिले में ऐसे प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेंगे।

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यह कार्रवाई केवल दो नोटिस या आठ सैंपल तक सीमित नहीं है। यह पूरे जिले के कीटनाशक कारोबारियों के लिए स्पष्ट चेतावनी है कि अब केवल लाइसेंस होना पर्याप्त नहीं, बल्कि रिकॉर्ड, पंजीकरण और उत्पाद की गुणवत्ता—तीनों की जांच होगी। खरीफ सीजन में किसानों की बढ़ती जरूरतों के बीच प्रशासन का यह कदम कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और नकली कीटनाशकों पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

यदि प्रयोगशाला रिपोर्ट में अनियमितता सामने आती है, तो यह अभियान आगे और बड़ी कार्रवाई का आधार बन सकता है।

 रिपोर्ट : अवनीश त्यागी
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