Target Tv Live

“नौकरी दो या जवाब दो!” आगरा में फूटा युवाओं का गुस्सा, संजय सिंह की पदयात्रा से हिली सियासत

“नौकरी दो या गद्दी छोड़ो!” आगरा में फूटा युवाओं का गुस्सा, संजय सिंह की पदयात्रा बनी सत्ता के लिए बड़ा खतरा

✍️ रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive

टॉप हाइलाइट्स (Quick Read)

  • आगरा में AAP की पदयात्रा के दूसरे दिन रिकॉर्ड भीड़, जनआक्रोश चरम पर
  • संजय सिंह का बड़ा आरोप: भर्ती घोटाले और पेपर लीक ने बर्बाद किया युवाओं का भविष्य
  • दलित अत्याचार और महिला अपराध पर यूपी सरकार को घेरा
  • शिक्षा-स्वास्थ्य की बदहाली बनाम “श्मशान-कब्रिस्तान” राजनीति पर तीखा हमला
  • 9 अप्रैल को मथुरा में होगा बड़ा समापन

आगरा बना आंदोलन का केंद्र: सड़कों पर उमड़ी भीड़, सत्ता के खिलाफ गूंजे नारे

आम आदमी पार्टी की “रोज़गार दो, सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा अब महज राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभावनाओं का विस्फोट बनती दिख रही है। आगरा में दूसरे दिन जिस तरह हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे, उसने साफ कर दिया कि बेरोज़गारी और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दे अब सीधे जनता के दिल से जुड़े हैं।

संजय सिंह के नेतृत्व में निकली इस पदयात्रा को हर पड़ाव पर जोरदार समर्थन मिला। जगह-जगह फूल-मालाओं से स्वागत और “रोज़गार दो” के नारों ने माहौल को पूरी तरह आंदोलनकारी बना दिया।

“भर्ती घोटाले = युवाओं के सपनों की हत्या” — सरकार पर सीधा हमला

पदयात्रा के दौरान संजय सिंह ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा:

👉 प्रदेश में लाखों सरकारी पद खाली पड़े हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया ठप है
👉 पुलिस भर्ती, 69000 शिक्षक भर्ती, दरोगा चयन में विवाद और देरी
👉 लेखपाल और अन्य परीक्षाएं बार-बार पेपर लीक के कारण रद्द

उन्होंने आरोप लगाया कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि “सिस्टमेटिक फेलियर” है, जिसने युवाओं को सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है।

दलितों और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल, कानून व्यवस्था कठघरे में

संजय सिंह ने कई घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि यूपी में कमजोर वर्ग सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं:

  • इटावा में पिछड़े वर्ग के कथावाचक का अपमान
  • लखनऊ (काकोरी) में दलित बुजुर्ग के साथ अमानवीय व्यवहार
  • रायबरेली में दलित की पीट-पीटकर हत्या
  • मुरादाबाद, मैनपुरी, वाराणसी में दुष्कर्म की घटनाएं

👉 उनका दावा: NCRB के आंकड़े भी साबित करते हैं कि यूपी में दलित और महिला अपराध तेजी से बढ़े हैं।

“स्कूल-अस्पताल बदहाल, सरकार व्यस्त राजनीति में”

संजय सिंह ने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति पर भी तीखा प्रहार किया:

  • स्कूलों में संसाधनों की भारी कमी
  • मिड-डे मील की खराब गुणवत्ता
  • अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव
  • मिर्जापुर में महिलाओं को सड़क किनारे प्रसव के लिए मजबूर होना

👉 उनका तंज: “सरकार को स्कूल-अस्पताल नहीं, श्मशान-कब्रिस्तान की चिंता है।”

महंगे तेल पर भी सरकार घिरी, विदेश नीति पर उठे सवाल

संजय सिंह ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी निशाना साधते हुए कहा:

  • सस्ते ईरानी तेल को छोड़कर महंगे आयात किए गए
  • अमेरिका और अन्य देशों से तेल खरीदने का बोझ आम जनता पर पड़ा
  • तेल संकट पर सरकार की चुप्पी समझ से परे

👉 उनका आरोप: गलत नीतियों का सीधा असर जनता की जेब पर पड़ा है।

AAP नेताओं का आह्वान: “जनता उठे, आंदोलन को बनाए ताकत”

  • दिलीप पाण्डेय ने इसे युवाओं और वंचितों की आवाज बताया
  • विशेष रवि ने दिल्ली मॉडल को यूपी के लिए समाधान बताया

दोनों नेताओं ने जनता से इस पदयात्रा को जनांदोलन बनाने की अपील की।

पदयात्रा का रूट: गांव-गांव पहुंच रही आवाज

दूसरे दिन का रूट: अगरावन वाटर वर्क्स → खंदौली → हाथरस रोड → सूरज फार्म हाउस

👉 अंतिम पड़ाव: 9 अप्रैल को मथुरा

TargetTvLive विश्लेषण: क्या बदलेगा यूपी का चुनावी समीकरण?

यह पदयात्रा सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले एक मजबूत नैरेटिव गढ़ने की कोशिश है।

संभावित प्रभाव:

  • बेरोज़गारी और पेपर लीक मुख्य चुनावी मुद्दा बन सकते हैं
  • दलित और महिला सुरक्षा पर विपक्ष की आक्रामक रणनीति
  • AAP का यूपी में तेजी से विस्तार

👉 अगर भीड़ इसी तरह बढ़ती रही, तो यह आंदोलन सत्ता के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।

कैसे जुड़ें इस अभियान से?

📞 7500040004 पर मिस्ड कॉल देकर आंदोलन से जुड़ने की अपील

#RozgarDo #SanjaySingh #AAP #UPPolitics #Unemployment #PaperLeak #DalitJustice #WomenSafety #Agra #Mathura #TargetTvLive #Election2027 #YouthPower #BreakingNews

निष्कर्ष

आगरा से उठी यह पदयात्रा अब सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि युवाओं के गुस्से और सामाजिक न्याय की मांग का प्रतीक बनती जा रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह आंदोलन सियासत में कितना बड़ा बदलाव लाता है।

Leave a Comment

यह भी पढ़ें