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करंट से तड़पकर मरा भैंसा, किसान अस्पताल में भर्ती, बिजली विभाग सवालों में

करंट से तड़पकर मरा भैंसा, किसान अस्पताल में भर्ती, बिजली विभाग सवालों में

जर्जर लाइन ने ली बेजुबान की जान, बाल-बाल बची दो किसानों की जिंदगी, गांव में भारी आक्रोश

रिपोर्ट: एम पी सिंह | TargetTvLive

अमरोहा  मलेशिया में बुधवार को बिजली विभाग की कथित लापरवाही ने एक किसान परिवार को बर्बाद कर दिया। गन्ने के खेत में जुताई कर रहे किसानों पर अचानक मौत बनकर हाईटेंशन लाइन टूट पड़ी। खेत में फैले करंट की चपेट में आकर एक भैंसे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि किसान रणवीर सिंह गंभीर रूप से झुलस गए।

घटना के बाद पूरे गांव में गुस्सा है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग ने जर्जर लाइन और पुराने तार नहीं बदले। अब हादसा होने के बाद सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।

अचानक फटा इंसुलेटर, खेत में दौड़ गया करंट

बुधवार को मौसम खराब था। आसमान में बादल छाए थे और बिजली कड़क रही थी। इसी दौरान किसान रणवीर सिंह और उनके भाई सतवीर सिंह खेत में भैंसे से हल चलाकर गन्ने की जुताई कर रहे थे।

तभी खेत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के ट्रांसफार्मर पोल पर लगा इंसुलेटर जोरदार धमाके के साथ फट गया। इंसुलेटर फटते ही पूरी लाइन में फॉल्ट हुआ और गीली मिट्टी में करंट फैल गया।

करंट की चपेट में आते ही हल खींच रहा भैंसा जमीन पर गिर पड़ा और तड़पते हुए मौके पर ही मर गया। वहीं किसान रणवीर सिंह भी करंट लगने से बुरी तरह झुलस गए। उनके भाई सतवीर सिंह ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।

खेत में मचा चीख-पुकार का माहौल

हादसे के बाद खेत में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। सूचना मिलते ही डायल 112 और मलेशिया चौकी प्रभारी चंदवीर सिंह मौके पर पहुंचे। घायल किसान को तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर कुछ सेकेंड की भी देरी हो जाती तो दोनों भाइयों की जान जा सकती थी।

“पहले शिकायतें अनसुनी कीं, अब हादसे के बाद दिखावा”

गांव वालों ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि गांव से गुजर रही हाईटेंशन लाइन कई साल पुरानी है और उसमें लगे लोहे के तार पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। कई बार अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि विभाग सिर्फ बिल वसूलने में तेज है, लेकिन लोगों की सुरक्षा की तरफ कोई ध्यान नहीं है। हादसे के काफी देर बाद तक कोई बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।

50 हजार से ज्यादा का नुकसान, मुआवजे की मांग

इस हादसे में किसान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। भैंसे की मौत और खेती का काम रुकने से करीब 50 हजार रुपये से ज्यादा का नुकसान बताया जा रहा है।

पशु चिकित्साधिकारी डॉ. नेपाल सिंह ने बताया कि मृत भैंसे का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित किसान को उचित मुआवजा और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

बड़ा सवाल — हादसे के बाद ही क्यों जागता है विभाग?

यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि ग्रामीण इलाकों में बदहाल बिजली व्यवस्था की सच्चाई है। सवाल यह है कि आखिर कब तक किसान ऐसे मौत के साए में खेती करते रहेंगे? और कब तक विभाग की लापरवाही की कीमत गांव के लोग अपनी जान और मेहनत से चुकाते रहेंगे?

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