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मानसून से पहले बिजनौर में बड़ा एक्शन, गंगा कटान रोकने के लिए प्रशासन ने कसी कमर

मानसून से पहले बिजनौर में बड़ा एक्शन, गंगा कटान रोकने के लिए प्रशासन ने कसी कमर

मध्य गंगा बैराज पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों का निरीक्षण, गुणवत्ता में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive

जसजीत कौर के नेतृत्व में बिजनौर प्रशासन ने आगामी मानसून और संभावित बाढ़ खतरे को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को जिलाधिकारी ने मध्य गंगा बैराज के बांये अफलक्स बंध पर चल रहे बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनसुरक्षा से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

लगातार बदलते मौसम और गंगा के बढ़ते जलस्तर की आशंकाओं के बीच प्रशासन की यह सक्रियता बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। निरीक्षण के दौरान डीएम ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, कटाव निरोधक तकनीक और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी व्यवस्था का विस्तार से जायजा लिया।

एंटी कंक्रीट ब्लॉक से रोका जाएगा गंगा का कटाव

सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने जिलाधिकारी को जानकारी दी कि बांध को मजबूत करने के लिए विशेष एंटी कंक्रीट ब्लॉकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये ब्लॉक नदी के तेज बहाव और कटान को रोकने में कारगर माने जाते हैं। अधिकारियों के अनुसार बायें अफलक्स बंध के किलोमीटर 4.000 से 4.350 तक कटाव निरोधक कार्य लगभग पूर्ण किए जा चुके हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि समय रहते ऐसे कार्य नहीं किए जाएं तो बरसात के दौरान नदी किनारे बसे गांवों और कृषि भूमि को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। यही वजह है कि प्रशासन इस बार मानसून से पहले ही हाई अलर्ट मोड में दिखाई दे रहा है।

“गुणवत्ता से समझौता नहीं” — DM की दो टूक चेतावनी

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी जसजीत कौर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच वरिष्ठ अधिकारी स्वयं करें। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या घटिया सामग्री का प्रयोग पाया गया तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि बाढ़ नियंत्रण और जनसुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं तथा सभी विभाग निर्धारित मानकों के अनुरूप समय से कार्य पूर्ण करें।

संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी के निर्देश

डीएम ने विशेष रूप से कटान संभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर पहले कटाव या जलभराव की समस्या सामने आती रही है, वहां अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए।

प्रशासन का मानना है कि समय पर तैयारी और विभागों के बीच बेहतर समन्वय से संभावित बाढ़ आपदा के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

कई विभागों की संयुक्त मौजूदगी ने दिए बड़े संकेत

निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग, वन विभाग और एनएचएआई सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसे प्रशासन की बहुस्तरीय तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून के दौरान गंगा किनारे के कई क्षेत्रों में कटान और जलभराव की स्थिति बन जाती है। ऐसे में यदि प्रशासनिक निगरानी लगातार बनी रही तो इस बार हालात बेहतर रह सकते हैं।

क्या इस बार बाढ़ से पहले पूरी हो जाएंगी तैयारियां?

बिजनौर में हर वर्ष बाढ़ और कटान का मुद्दा चर्चा में रहता है। ऐसे में जिलाधिकारी का खुद मौके पर पहुंचना यह संकेत देता है कि प्रशासन इस बार किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है। अब देखना होगा कि जमीनी स्तर पर तैयारियां कितनी प्रभावी साबित होती हैं और आगामी मानसून में ये सुरक्षात्मक कार्य कितने कारगर रहते हैं।

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