Target Tv Live

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना पर सख्ती: बिजनौर डीएम ने बैंक अधिकारियों को दी खुली चेतावनी

“सरकारी योजनाओं में ढिलाई बर्दाश्त नहीं” — बिजनौर की डीएम जसजीत कौर का बैंकर्स को अल्टीमेटम, कहा: ‘असहयोगी अधिकारी जिले में नहीं रहेंगे’

बिजनौर | डिजिटल डेस्क

सरकारी स्वरोजगार योजनाओं में लापरवाही बरतने वाले बैंक अधिकारियों पर बिजनौर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो बैंकर्स शासकीय योजनाओं में सहयोग नहीं करेंगे, उन्हें जिले में काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित डीएलआरसी (जिला स्तरीय बैंकर्स समिति) और डीसीसी की त्रैमासिक बैठक में डीएम ने कई बैंकों के कमजोर प्रदर्शन पर तीखी नाराजगी जताई और कहा कि रोजगारपरक योजनाओं में अड़चन डालना किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना पर खास फोकस

बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि जिले को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1750 लाभार्थियों का लक्ष्य मिला था।

अब तक की स्थिति इस प्रकार है—

  • 2563 आवेदन बैंकों को भेजे गए
  • 1026 आवेदन स्वीकृत
  • 1008 लाभार्थियों को ऋण वितरण
  • 597 आवेदन स्वीकृति के लिए लंबित
  • 110 आवेदन ऋण वितरण के लिए लंबित
  • 1220 आवेदन निरस्त

इसके अलावा 1001 ऋण खातों में 4.29 करोड़ रुपये से अधिक मार्जिन मनी का क्लेम भी किया गया है।

डीएम ने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार गंभीर है, इसलिए बैंकर्स को भी उसी गंभीरता से काम करना होगा।

इन बैंकों के प्रदर्शन पर डीएम की नाराजगी

बैठक के दौरान कई बैंकों का प्रदर्शन बेहद कमजोर पाया गया।

प्राथमिकता क्षेत्र में लक्ष्य के मुकाबले उपलब्धि इस प्रकार रही—

  • नैनीताल बैंक – 3%
  • यस बैंक – 4%
  • आईडीबीआई बैंक – 11%
  • यूको बैंक और इंडियन बैंक – 40% से कम

डीएम ने इन बैंकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि लक्ष्य पूरा करने के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

प्राथमिकता क्षेत्र में बेहतर उपलब्धि

समीक्षा में कुछ क्षेत्रों में अच्छी प्रगति भी सामने आई—

  • सकल कृषि अग्रिम: 18% लक्ष्य के मुकाबले 47%
  • कुल प्राथमिकता क्षेत्र ऋण: 40% लक्ष्य के मुकाबले 69%
  • महिलाओं को ऋण: 5% लक्ष्य के मुकाबले 23%
  • अल्पसंख्यकों को ऋण: 15% लक्ष्य के मुकाबले 20%

हालांकि डीएम ने कहा कि कई योजनाओं में अभी भी बैंकों को सक्रियता बढ़ाने की जरूरत है।

वार्षिक ऋण योजना की स्थिति

वार्षिक ऋण योजना (ACP) के तहत जिले में 10010.59 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

जून 2025 तक की प्रगति—

  • कुल ऋण वितरण: 2850.65 करोड़ रुपये
  • लक्ष्य के मुकाबले उपलब्धि: 28.47%

बैंकवार स्थिति:

  • वाणिज्यिक बैंक: 23.52%
  • ग्रामीण बैंक: 22.29%
  • सहकारी बैंक: 70.19%

डीएम ने कहा कि बैंकों को अपने प्रदर्शन में तेजी लानी होगी।

इन योजनाओं की भी हुई समीक्षा

बैठक में कई प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की गई, जिनमें शामिल हैं—

  • राष्ट्रीय शहरी व ग्रामीण आजीविका मिशन
  • जिला उद्योग केंद्र योजनाएं
  • पीएम विश्वकर्मा योजना
  • अटल पेंशन योजना
  • ओडीओपी (One District One Product)
  • मुख्यमंत्री फसल बीमा योजना
  • किसान क्रेडिट कार्ड योजना

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि स्वरोजगार से जुड़े लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

डीएम का सख्त संदेश

बैठक में जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कहा—

“सरकार गरीबों और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए योजनाएं चला रही है। ऐसे में बैंकर्स की जिम्मेदारी है कि पात्र लाभार्थियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराएं। सरकारी योजनाओं में मनमानी और लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अखिल कुमार सिंह, नाबार्ड के अधिकारी, खादी ग्रामोद्योग विभाग के प्रतिनिधि तथा विभिन्न बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे।

SEO Keywords: बिजनौर डीएम जसजीत कौर, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना, बिजनौर बैंकर्स बैठक, DLRC बैठक बिजनौर, सरकारी योजनाओं में बैंक लापरवाही, बिजनौर प्रशासन सख्ती, स्वरोजगार योजनाएं उत्तर प्रदेश

Leave a Comment

यह भी पढ़ें