Bijnor Voter List Shock
23 लाख मतदाताओं में 5.78 लाख को नोटिस! SIR-2026 पर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज

बिजनौर | रिपोर्ट: अवनीश त्यागी
बिजनौर में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR)-2026 अभियान ने मतदाता सूची की बड़ी तस्वीर सामने ला दी है। जिले में कुल 23 लाख से अधिक मतदाताओं की सूची में से 5.78 लाख से ज्यादा मतदाताओं को नोटिस जारी होने का मामला अब प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
इसी मुद्दे की समीक्षा के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी Navdeep Rinwa बुधवार को बिजनौर पहुंचे और पूरे दिन चुनावी व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की। उनके दौरे में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक, अधिकारियों की समीक्षा, मतदान केंद्र का निरीक्षण, मीडिया से संवाद और बीएलओ-सुपरवाइजरों के साथ विस्तृत चर्चा जैसे कई अहम कार्यक्रम शामिल रहे।
दौरे का मुख्य संदेश साफ था—मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
राजनीतिक दलों और विधायकों के साथ सीधी बातचीत

कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में आयोजित बैठक में क्षेत्र के कई विधायकों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में विधायक
- Swami Omvesh
- Manoj Paras
- Om Kumar
- Tasleem Ahmad
ने मतदाताओं की सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिया कि मतदाताओं को उनके नजदीकी मतदान केंद्रों पर मतदान की सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही फार्म-6 के लंबित मामलों का जल्द से जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं की मैपिंग अभी तक नहीं हो पाई है, वे निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर अपनी मैपिंग प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं।
आंकड़ों ने बढ़ाई दिलचस्पी: लाखों मतदाताओं पर सवाल
बैठकों में प्रस्तुत आंकड़ों ने पूरे अभियान की गंभीरता को सामने रखा।
बिजनौर की मतदाता सूची की स्थिति
- कुल मतदाता: 23,23,160
- नो-मैपिंग श्रेणी: 89,822
- लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी: 4,88,247
- कुल नोटिस जारी: 5,78,069
इनमें से
- 95.58% नोटिस मतदाताओं को प्राप्त कराए जा चुके हैं
- 92.91% मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है
प्रशासन ने 15 मार्च 2026 तक सभी मामलों का निस्तारण करने का लक्ष्य तय किया है।
इन आंकड़ों ने यह भी संकेत दिया कि मतदाता सूची में डेटा मिलान, पते की मैपिंग और अन्य तकनीकी विसंगतियों को दूर करने का बड़ा अभियान चल रहा है।
प्रशासन की सख्ती: अधिकारी बैठक में दिए स्पष्ट निर्देश

कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि
- SIR कार्यों में तेजी लाई जाए
- सभी दावे और आपत्तियां तय समय सीमा में निपटाई जाएं
- मतदाता सूची शुद्धिकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो
जिलाधिकारी Jasjit Kaur ने बताया कि जिले में अभियान तेज गति से चल रहा है और प्रशासन इसे पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मतदान केंद्र का निरीक्षण: सीधे मतदाताओं से संवाद
दौरे के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दयानंद इंटर कॉलेज बिजनौर में बनाए गए नोटिस सुनवाई केंद्र का निरीक्षण किया।
उन्होंने वहां
- मतदाताओं को दी जा रही सुविधाओं
- शिकायत निस्तारण व्यवस्था
- नोटिस सुनवाई की प्रक्रिया
का बारीकी से जायजा लिया।
इस दौरान कई मतदाताओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और अधिकारियों को समयबद्ध व संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मीडिया से खुलकर बातचीत
प्रेस वार्ता के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि
- राज्य स्तर पर SIR का लगभग 95% कार्य पूरा हो चुका है
- बिजनौर में 92% से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है
उन्होंने कहा कि जिले की उपलब्धि सराहनीय रही है और उत्कृष्ट कार्य के लिए जिलाधिकारी जसजीत कौर को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।
बीएलओ की अहम भूमिका, उत्कृष्ट कर्मियों को सम्मान

वीरा इंजीनियरिंग कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में बीएलओ और सुपरवाइजरों के साथ संवाद किया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि
“मतदाता सूची को शुद्ध और भरोसेमंद बनाने में बीएलओ की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।”
इस अवसर पर
- 40 बीएलओ
- 8 सुपरवाइजर
- 1 ERO और 1 AERO
को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र और नगीना की प्रसिद्ध काष्ठ कला से बनी घड़ी देकर सम्मानित किया गया।

क्यों महत्वपूर्ण है SIR-2026
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण का उद्देश्य है
- मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना
- मृत और स्थानांतरित मतदाताओं का डेटा अपडेट करना
- नए पात्र मतदाताओं को जोड़ना
- मतदान केंद्रों की मैपिंग को सटीक बनाना
विशेषज्ञों का मानना है कि साफ और अद्यतन मतदाता सूची ही निष्पक्ष चुनाव की बुनियाद होती है।
निष्कर्ष: चुनाव से पहले मतदाता सूची पर बड़ा फोकस
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के बिजनौर दौरे से साफ संकेत मिलते हैं कि चुनाव आयोग मतदाता सूची की विश्वसनीयता को लेकर बेहद गंभीर है।
जनप्रतिनिधियों से संवाद, बूथ स्तर निरीक्षण और प्रशासनिक समीक्षा से यह स्पष्ट है कि आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट और पारदर्शी बनाने का बड़ा अभियान चल रहा है।
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