VIDEO: सभासदों ने गेट पर लगाया ‘नो एंट्री’ पोस्टर, चेयरमैन पति पर बैन से भड़की राजनीति
रिपोर्ट: जितेंद्र शर्मा
अमरोहा। नौगांवा सादात नगर पंचायत में ‘प्रवेश वर्जित’ के पोस्टर लगते ही सियासत में भूचाल आ गया। नगर पंचायत कार्यालय के गेट पर चेयरमैन पति, पूर्व चेयरमैन और वर्तमान स्वच्छता प्रेरक नदीम अब्बास जैदी के प्रवेश पर रोक लगाने वाले पोस्टर लगाए गए। इतना ही नहीं, पोस्टर लगाते सभासदों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला प्रशासन बनाम राजनीतिक टकराव में बदल गया। अब यह विवाद जिले की सबसे चर्चित राजनीतिक घटना बन चुका है।
‘नो एंट्री’ पोस्टर ने खोली सियासी जंग की नई पारी
नगर पंचायत परिसर में लगे पोस्टरों में साफ-साफ कुछ लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लिखा गया। पोस्टर लगते ही नगर पंचायत में हलचल मच गई और जब इसका वीडियो वायरल हुआ तो सियासी गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
राजनीतिक जानकार इसे सीधे-सीधे ‘पावर शो’ और ‘सत्ता संघर्ष’ से जोड़कर देख रहे हैं।
VIDEO VIRAL: सभासदों की भूमिका पर उठे सवाल
वायरल वीडियो में कुछ सभासद नगर पंचायत परिसर में पोस्टर लगाते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो ने पूरे विवाद को और भड़का दिया।
- विरोधी गुट ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया
- समर्थकों ने इसे प्रशासनिक अनुशासन लागू करने की कार्रवाई कहा
सोशल मीडिया पर भी यह वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है।
नदीम अब्बास जैदी का पलटवार—“मुझे राजनीतिक रूप से टारगेट किया जा रहा”
प्रवेश पर रोक लगाए जाने से नाराज नदीम अब्बास जैदी ने इसे साजिश बताया और जिलाधिकारी से शिकायत करने की बात कही।
उन्होंने कहा—
“मेरी छवि खराब करने और मुझे राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश हो रही है। मैं हमेशा जनता के हित में काम करता रहा हूं। इस तरह प्रवेश रोकना गलत और अलोकतांत्रिक है।”
उनके बयान के बाद विवाद और गहरा गया।
EO सलिल भारद्वाज का बड़ा खुलासा—“मेरे आदेश से लगे पोस्टर”
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सलिल भारद्वाज ने पूरे मामले में चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने साफ कहा कि पोस्टर उनके निर्देश पर लगाए गए।
उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा—
- प्रशासनिक कार्यों में लगातार हस्तक्षेप हो रहा था
- कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा था
- धमकियों की शिकायतें भी मिली थीं
ईओ ने सख्त संदेश देते हुए कहा—
“नगर पंचायत अध्यक्ष खुद कार्यालय आकर काम करें। किसी भी रिश्तेदार या बाहरी व्यक्ति का हस्तक्षेप बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
प्रशासन बनाम राजनीति: खुलकर आमने-सामने आए दोनों खेमे
इस घटना के बाद नौगांवा सादात नगर पंचायत में प्रशासन और राजनीतिक गुटों के बीच सीधा टकराव सामने आ गया है।
एक पक्ष का आरोप:
राजनीतिक प्रताड़ना और बदले की कार्रवाई
दूसरे पक्ष का दावा:
शासनादेश के पालन और प्रशासनिक अनुशासन की कार्रवाई
क्यों बना हाई प्रोफाइल मामला?
इस पूरे विवाद को बड़ा बनाने वाली वजहें—
✔ चेयरमैन पति और पूर्व चेयरमैन पर बैन
✔ नगर पंचायत गेट पर ‘नो एंट्री’ पोस्टर
✔ सभासदों का वायरल वीडियो
✔ ईओ का खुला समर्थन
✔ डीएम से शिकायत की तैयारी
इन सभी कारणों से मामला अब जिला स्तर पर हाई प्रोफाइल बन गया है।
अब क्या होगा अगला कदम?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है—
- क्या जिलाधिकारी जांच बैठाएंगे?
- क्या पोस्टर लगाने की कार्रवाई सही मानी जाएगी?
- या फिर यह विवाद और बड़ा राजनीतिक संकट बनेगा?
फिलहाल नौगांवा सादात नगर पंचायत का यह ‘नो एंट्री’ विवाद जिले की राजनीति का सबसे बड़ा हॉट टॉपिक बना हुआ है।
(Disclaimer: यह समाचार उपलब्ध बयानों और स्थानीय सूत्रों पर आधारित है। आधिकारिक जांच या प्रशासनिक निर्णय के बाद स्थिति में बदलाव संभव है।)
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