बागपत में अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस:
युवाओं ने कलेक्ट्रेट के पक्षीघर से सीखा शांति और संवेदनशीलता
सूचना विभाग की पहल ने युवाओं को प्रकृति, करुणा और सामुदायिक जिम्मेदारी से जोड़ा
कलेक्ट्रेट का पक्षीघर: शांति और संवेदनशीलता का प्रतीक
हाइलाइट बुलेट पॉइंट्स
- पक्षीघर भ्रमण: अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस पर युवाओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में समय बिताया।
- युवा नेतृत्व: अमन कुमार ने पक्षी संरक्षण और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
- युवाओं के अनुभव: शांति, संवेदनशीलता, सृजनात्मकता और सामाजिक जागरूकता का अनुभव।
- सूचना विभाग की पहल: हर रविवार जनपद के महत्वपूर्ण स्थलों पर युवाओं का भ्रमण कराया जाएगा।
- प्रकृति और समाज: पहल ने युवाओं को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और सामुदायिक संरक्षण का संदेश दिया।
बागपत, 21 सितंबर 2025 – अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के अवसर पर रविवार को बागपत के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पक्षीघर में युवाओं ने समय बिताया। यह पहल सूचना एवं जनसंपर्क विभाग बागपत की ओर से की गई थी, जिसका उद्देश्य युवाओं में प्रकृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता जागृत करना था।
युवाओं ने पक्षीघर के पास बैठकर शांति और मानसिक संतुलन का अनुभव किया। यह केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि शांति, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ भी था।
युवा नेतृत्व ने दी प्रेरणा, पक्षी संरक्षण का लिया संकल्प
राज्य युवा पुरस्कार विजेता अमन कुमार ने युवाओं का नेतृत्व करते हुए कहा:
“पक्षियों के लिए सुरक्षित स्थान बनाना सिर्फ पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि मानवीय करुणा और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है।”
युवाओं ने संकल्प लिया कि वे अपने घरों और गांवों में पक्षीघर स्थापित करेंगे, ताकि नन्हे चहचहाते दोस्तों को सुरक्षित आश्रय मिल सके।
युवाओं के अनुभव: शांति, सृजन और सामाजिक जागरूकता
- गुलफसा (बागपत): पक्षीघर के पास बैठकर उन्हें अपार शांति महसूस हुई।
- निखिल धामा (खेकड़ा): उन्हें प्रेरणा मिली कि अब पक्षियों के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
- नीतीश भारद्वाज (खेड़की): यह पक्षीघर बागपत की संवेदनशीलता और प्रकृति-प्रेम का जीवंत प्रतीक है।
- अमीर खान (बिनौली): अपने गांव में भी ऐसा पक्षीघर बनाने का संकल्प।
- गगन त्यागी (नैथला): पक्षीघर में बैठकर कविता लिखी और सुनाई, माहौल को और भी जीवंत बनाया।
- वासु, विकास, दानिश, पंकज, प्रिया, आदित्य: सभी ने अपने विचार साझा किए और पहल की सराहना की।
यह अनुभव युवाओं को प्रकृति के साथ एक भावनात्मक और सामाजिक जुड़ाव का अवसर देता है।
जिला सूचना अधिकारी का संदेश: अनुभव से सीखना ज़रूरी
राहुल भाटी, जिला सूचना अधिकारी ने कहा कि केवल किताबों तक सीमित शिक्षा समाज के समग्र विकास के लिए पर्याप्त नहीं है।
“सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पर्यावरणीय महत्व वाले स्थलों का प्रत्यक्ष अनुभव युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी, प्रकृति संवेदनशीलता और सामुदायिक धरोहरों की देखभाल का भाव विकसित करता है।”
सूचना विभाग ने निर्णय लिया है कि हर रविवार को जनपद के किसी महत्वपूर्ण स्थल पर युवाओं का भ्रमण कराया जाएगा। इससे युवाओं को सीखने और समझने का अवसर मिलेगा, और आमजन में भी प्रकृति और धरोहर संरक्षण का संदेश जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस: प्रकृति के माध्यम से संदेश
यह पक्षीघर भ्रमण युवाओं के लिए शांति, करुणा और संवेदनशीलता का जीवंत अनुभव साबित हुआ।
- युवा समझे: प्रकृति और पक्षियों के प्रति जिम्मेदारी
- समाज को संदेश: संवेदनशीलता और सामुदायिक संरक्षण
सूचना विभाग बागपत की यह पहल युवा पीढ़ी को प्रकृति प्रेम, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी की ओर प्रेरित करती है।













