रक्षा-बंधन पर बाँदा रोटी बैंक का मानवीय उपहार, 350 ग्रामीणों को मिला ‘सुख का संबल’

ग्राम पडूई में कपड़े, किताबें, जूते-चप्पल और जागरूकता कार्यक्रम से गूंजी सामाजिक सद्भाव की मिसाल
बाँदा | 10 अगस्त 2025 –
रक्षाबंधन और कजली महोत्सव के अवसर पर बाँदा रोटी बैंक सोसाइटी ने एक अनोखी सामाजिक पहल करते हुए ग्राम पडूई में जरूरतमंद ग्रामीणों के बीच कपड़े, किताबें, जूते-चप्पल, पर्स और अन्य आवश्यक वस्तुओं का बृहद वितरण किया। इस कार्यक्रम से लगभग 350 ग्रामीणों को लाभ मिला और उनके चेहरों पर त्योहार की सच्ची मुस्कान खिल उठी।
कार्यक्रम की खास बातें
- सामाजिक सरोकार के संग उत्सव – रक्षाबंधन व कजली के अवसर पर उपहारों के साथ-साथ ग्रामीणों को सर्पदंश, स्वास्थ्य और कानूनी अधिकारों पर जानकारी दी गई।
- बड़ी टीम, बड़ा योगदान – सोसाइटी के संरक्षक शेख सादी जमा, सहसंरक्षक चंद्रमौली भारद्वाज व मनु बंसल के संरक्षण में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
- 350 लोगों को सीधा लाभ – कपड़े, किताबें, जूते-चप्पल और पर्स प्राप्त कर ग्रामीणों ने आयोजकों को दुआओं और आशीर्वाद से नवाजा।
- जागरूकता पर फोकस – अध्यक्ष रिज़वान अली और संगठन मंत्री सुनील सक्सेना ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
- स्थानीय नेतृत्व की भागीदारी – ग्राम प्रधान पूरनलाल प्रजापति, उपाध्यक्ष मोहम्मद सलीम, सचिव मोहम्मद इदरीश, कार्यालय प्रभारी मोहम्मद शमीम सहित कई पदाधिकारी और समाजसेवी मौजूद रहे।
सामाजिक संदेश
इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि त्योहार सिर्फ रस्म नहीं, बल्कि समाज में खुशियां बांटने और जरूरतमंदों के जीवन में रोशनी लाने का अवसर भी हैं। बाँदा रोटी बैंक की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक एकजुटता और सेवा भाव का ज्वलंत उदाहरण बनकर सामने आई।
स्थानीय ग्रामीण का भावुक कथन:
“आज हमारे बच्चों के लिए किताबें और कपड़े मिले हैं… यह रक्षाबंधन हमारे लिए सच में यादगार बन गया है।”












