साइबर सुरक्षा,जागरूकता पर जोर: बिजनौर में “इंटरनेट का सुरक्षित प्रयोग” कार्यशाला आयोजित

बिजनौर : साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर, बिजनौर जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में “इंटरनेट का सुरक्षित प्रयोग” विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला एनआईसी सभागार में आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी और अर्द्ध-सरकारी कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें साइबर धोखाधड़ी से बचाव के लिए जरूरी दिशा-निर्देश देना था।
साइबर सुरक्षा को लेकर प्रशासन की पहल
कार्यशाला में जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बताया कि हर वर्ष फरवरी के दूसरे मंगलवार को “Safer Internet Day” मनाया जाता है, जिसका मकसद इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देना है। इस वर्ष इसका आयोजन “Together for a Better Internet” थीम के तहत किया गया।
उन्होंने साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकांश लोग जानकारी के अभाव में साइबर अपराधियों का शिकार बन जाते हैं, जिससे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ व्यक्तिगत डेटा की चोरी भी हो जाती है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को सचेत करते हुए कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें, क्योंकि यह साइबर अपराधियों से जुड़ा हो सकता है।
साइबर फ्रॉड से बचने के उपाय
कार्यशाला में जिलाधिकारी ने कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा उपायों पर जोर दिया:
- ओटीपी और बैंकिंग डिटेल्स साझा न करें: किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना ओटीपी, क्रेडिट कार्ड या बैंक खाता नंबर न बताएं।
- अनजान कॉल्स से बचें: इंटरनेट कॉलिंग के माध्यम से होने वाले फ्रॉड से बचने के लिए सतर्क रहें और अनजानी कॉल्स को रिसीव न करें।
- फर्जी डिजिटल अरेस्टिंग कॉल्स से सतर्क रहें: यदि कोई खुद को सरकारी अधिकारी बताकर डिजिटल गिरफ्तारी की धमकी दे, तो तत्काल https://sancharsaathi.gov.com पर शिकायत दर्ज करें।
- बच्चों की इंटरनेट गतिविधि की निगरानी करें: माता-पिता को अपने बच्चों के ऑनलाइन व्यवहार पर नजर रखने और उन्हें सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के लिए प्रेरित करने की सलाह दी गई।
- साइबर सतर्कता बढ़ाएं: इंटरनेट का उपयोग करते समय हमेशा सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत संबंधित विभागों को दें।
जागरूकता से ही संभव है साइबर अपराधों पर नियंत्रण
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कहा कि इंटरनेट आधुनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसके सुरक्षित उपयोग की जानकारी होना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे खुद जागरूक बनें और अपने परिवार एवं समाज को भी साइबर सुरक्षा के प्रति सचेत करें।
कार्यशाला में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अर्जुन चौधरी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर मनोज सेन, डॉक्टर प्रभा रानी, सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी रिजवान अहमद सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बिजनौर में आयोजित यह कार्यशाला साइबर सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम थी। आज के डिजिटल युग में जहां ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में इस तरह की पहल न केवल सरकारी अधिकारियों बल्कि आम नागरिकों के लिए भी बेहद आवश्यक है। साइबर अपराधों से बचाव के लिए केवल प्रशासनिक उपाय ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी सतर्कता और जागरूकता की जरूरत है। इस कार्यशाला ने स्पष्ट संदेश दिया कि “सतर्कता और जानकारी ही साइबर सुरक्षा की कुंजी है।”












