स्वास्थ्य केंद्र की अव्यवस्थाओं पर व्यापार संगठन का कड़ा रुख

बिजनौर: उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन (रजि.) जनपद बिजनौर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किरतपुर में चल रही अव्यवस्थाओं और अनियमितताओं को लेकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक अरोड़ा ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को सरकारी दवाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं और उन्हें जबरन प्राइवेट मेडिकल स्टोर्स से दवा खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इसके अलावा, डॉक्टर द्वारा मरीजों को सरकारी अस्पताल में इलाज देने के बजाय निजी क्लिनिक पर रेफर किया जा रहा है, जिससे जनता को आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ रहा है।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि स्वास्थ्य केंद्र में जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को निजी लैब में भेजा जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका को बल मिलता है। इतना ही नहीं, अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण जरूरी सुविधाएं और दवाएं मरीजों तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
व्यापार संगठन ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो व्यापारी समुदाय आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
स्वास्थ्य सेवाओं की यह स्थिति सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर भी सवाल खड़े करती है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या कार्रवाई करता है और जनता को कितनी जल्दी राहत मिलती है।












