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ग्राम पंचायत में विकास कार्यों की अनियमितताओं पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

ग्राम पंचायत में विकास कार्यों की अनियमितताओं पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

BIJNOR. जनपद के ग्राम हुसैनपुर सम्मसपुर में पंचायत के विकास कार्यों को लेकर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने जिला अधिकारी को एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपते हुए वर्ष 2021 से 2024-25 के बीच हुए विकास कार्यों की जांच की मांग की है। शिकायत में ग्राम प्रधान द्वारा किए गए कार्यों में वित्तीय पारदर्शिता की कमी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के उल्लंघन का आरोप है।

मुख्य बिंदु और आरोप

1. वित्तीय अनियमितताएं और धन का उपयोग

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत को राज्य वित्त, टाइड फंड, अलटाइड मद, और अन्य योजनाओं के तहत प्राप्त धनराशि का सही उपयोग नहीं हुआ।

प्राप्त धनराशि का लेखा-जोखा: ग्रामीणों ने पूछा है कि इन फंड्स का उपयोग किन कार्यों के लिए किया गया और क्या यह उपयोग योजनाओं के अनुरूप था।

मानदेय और व्यय में पारदर्शिता: ग्राम पंचायत सदस्यों को मिलने वाले मानदेय और अन्य व्यय के विवरणों में भी सवाल उठाए गए हैं।

2. निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रक्रिया

शिकायत में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और स्वीकृत प्रक्रियाओं के पालन पर भी सवाल उठाए गए हैं।

अनुमोदन और स्वीकृति: कई निर्माण कार्य प्रशासनिक स्वीकृति और तकनीकी अनुमोदन के बिना किए गए हैं।

गुणवत्ता का अभाव: कार्यों में घटिया सामग्री का उपयोग और मानकों का उल्लंघन किया गया।

 

3. सार्वजनिक संपत्तियों और सुविधाओं का अभाव

ग्रामीणों ने पंचायत द्वारा निर्मित सामुदायिक भवन, पंचायत घर, और लाइटहाउस जैसी परियोजनाओं की स्थिति पर भी आपत्ति जताई।

सामुदायिक भवनों का उपयोग योजनाबद्ध तरीके से नहीं हो रहा।

ग्राम में स्वच्छ जल और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाओं की अब तक अनुपलब्धता का मुद्दा उठाया गया।

4. प्रशासनिक पारदर्शिता का अभाव

ग्राम सभा बैठकों का आयोजन नियमित रूप से नहीं हो रहा है।

टैक्स और जीएसटी भुगतान के रिकॉर्ड में भी गड़बड़ियों का संदेह जताया गया है।

विकास कार्यों की सूचना ग्रामीणों तक नहीं पहुंचाई गई।

5. शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति

शिकायत में प्राथमिक विद्यालय और सार्वजनिक स्थानों पर विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए हैं।

स्कूल रोड और सीसीटीवी जैसी परियोजनाओं में मानकों का पालन नहीं किया गया।

स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का कार्यान्वयन भी संदेहास्पद बताया गया।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने 29 बिंदुओं पर विस्तृत जांच की मांग की है। इन बिंदुओं में प्राप्त धनराशि, निर्माण कार्य, पंचायत प्रशासन, कर भुगतान, और विकास योजनाओं का सत्यापन शामिल है। साथ ही, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की अपील की गई है।

जिला प्रशासन का रुख

जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत की जांच कराने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी विकास कार्यों का सत्यापन कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। अगर अनियमितताओं की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता को उजागर करता है। सरकारी धन का सही उपयोग और योजनाओं का सही कार्यान्वयन प्रशासनिक व्यवस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस मामले में जांच के नतीजे न केवल ग्राम पंचायत की कार्यशैली को प्रभावित करेंगे, बल्कि अन्य पंचायतों के लिए भी एक संदेश देंगे।

 

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