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भूजल पुनर्भरण में सुधार: सरकारी प्रयासों से सकारात्मक परिणाम

भूजल पुनर्भरण में सुधार: सरकारी प्रयासों से सकारात्मक परिणाम

NEW DELHI.  देश में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति देखी गई है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, 2024 में भूजल की स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। 4,951 मूल्यांकन इकाइयों (73.4%) को ‘सुरक्षित’ श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है, जो 2017 के 62.6% की तुलना में बड़ी उपलब्धि है।

भूजल पुनर्भरण में वृद्धि का श्रेय विभिन्न सरकारी योजनाओं और पहल को दिया जा रहा है। 2024 में टैंकों, तालाबों और जल संरक्षण संरचनाओं से पुनर्भरण 2023 की तुलना में 0.39 बीसीएम और 2017 की तुलना में 11.36 बीसीएम अधिक हुआ।

भूजल पुनर्भरण के लिए सरकारी प्रयास

1. राष्ट्रीय जलभृत मानचित्रण एवं प्रबंधन (एनएक्यूआईएम):
केंद्रीय भूजल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) द्वारा संचालित यह योजना जलभृतों की पहचान और मानचित्रण, तथा भूजल प्रबंधन योजनाएं तैयार करने पर केंद्रित है।

2. मास्टर प्लान 2020:
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कृत्रिम पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए यह योजना राज्य सरकारों के सहयोग से तैयार की गई। इसका उद्देश्य जल की कमी वाले क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

3. जल शक्ति अभियान (जेएसए):
2019 में शुरू की गई इस योजना के तहत मानसून की वर्षा का अधिकतम लाभ उठाने के लिए कृत्रिम पुनर्भरण संरचनाएं बनाई गईं। वाटरशेड प्रबंधन, वनरोपण, और जल पुनः उपयोग प्रणाली लागू करने पर विशेष जोर दिया गया।

4. कैच द रेन 2023:
ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों को मजबूत करने और पेयजल आपूर्ति के लिए भूजल को टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया।

5. अटल भूजल योजना:
गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में सामुदायिक भागीदारी और वैज्ञानिक तरीकों के माध्यम से भूजल प्रबंधन पर केंद्रित इस योजना ने जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों में सुधार लाया है।

भविष्य की दिशा

सरकार की इन पहलों के परिणामस्वरूप 128 मूल्यांकन इकाइयों में भूजल स्थिति में सुधार हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन योजनाओं की निरंतरता और जनभागीदारी से जल संकट के दीर्घकालिक समाधान में मदद मिलेगी।

भविष्य में, सरकार जल पुनर्भरण संरचनाओं को और अधिक सशक्त करने और जल संरक्षण के लिए सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने की योजना बना रही है।

 

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