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रबी बुवाई से पहले बिजनौर सिंचाई विभाग का ‘मास्टर प्लान’: टेल तक पहुँचेगा पानी, EE अरुण सचदेव की किसानों से बड़ी अपील
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive स्थान: धामपुर (बिजनौर) | श्रेणी: किसान न्यूज़ / इंफ्रास्ट्रक्चर
30 सेकेंड में मुख्य बातें (Quick Reads)
- मिशन टेल-एंड: नहरों के अंतिम छोर पर स्थित छोटे किसान के खेत तक समय पर पानी पहुँचाना सिंचाई विभाग का प्राथमिक लक्ष्य।
- सिल्ट मुक्ति अभियान: रबी फसल की बुवाई को देखते हुए क्षेत्र की नहरों और रजवाहों में बड़े स्तर पर गाद (सिल्ट) की सफाई शुरू।
- जनभागीदारी मॉडल: विभाग ने जनप्रतिनिधियों और कृषकों से मांगे सुझाव; अधिकारियों से सीधे संपर्क की सुविधा।
धामपुर (बिजनौर): रबी फसलों—विशेषकर गेहूँ, सरसों और चने की बुवाई का समय नज़दीक आते ही धामपुर क्षेत्र में कृषि सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रशासनिक हलचल तेज़ हो गई है। TargetTvLive को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, अफजलगढ़ सिंचाई खण्ड धामपुर ने क्षेत्र की नहरों और रजवाहों की बड़े स्तर पर सिल्ट (गाद) सफाई का व्यापक खाका तैयार कर लिया है।
इस बार विभाग का ध्यान केवल कागज़ी औपचारिकता पूरी करने पर नहीं, बल्कि धरातल पर उतरकर अंतिम छोर (टेल) पर खड़े किसान तक जल-सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।
“अंतिम छोर का किसान हमारी प्राथमिकता”: अधिशासी अभियंता अरुण सचदेव
अफजलगढ़ सिंचाई खण्ड के अधिशासी अभियंता अरुण सचदेव ने TargetTvLive से बातचीत में कहा:
“सिंचाई विभाग का मुख्य उद्देश्य केवल पानी छोड़ना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि नहर के अंतिम छोर (टेल) पर स्थित छोटे से छोटे किसान को भी बुवाई के सही समय पर पर्याप्त पानी मिले। अक्सर सिल्ट जमा होने से पानी का प्राकृतिक बहाव रुक जाता है, जिससे टेल पर स्थित किसान सिंचाई से वंचित रह जाते हैं। इस बार सफाई व्यवस्था में कोई कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
पारदर्शिता के लिए ‘जनभागीदारी’ का नया मॉडल
अक्सर नहरों की सफाई में लापरवाही और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। इस बार विभाग ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, असरदार और त्रुटिहीन बनाने के लिए ‘विकेंद्रीकृत निगरानी और सुझाव प्रणाली’ लागू की है।
विभाग का मानना है कि स्थानीय किसान और जनप्रतिनिधि ही अपने-अपने क्षेत्र की वास्तविक स्थिति से सबसे बेहतर वाकिफ होते हैं। इसीलिए सिल्ट सफाई अभियान की शुरुआत के साथ ही उन सभी संवेदनशील स्थलों को चिह्नित करने में आम जनता और जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन और सक्रिय सहयोग माँगा जा रहा है जहाँ पानी का बहाव अवरुद्ध होता है।
शिकायत व सुझाव के लिए सीधे अधिकारियों से करें संपर्क
यदि आपके क्षेत्र के रजवाहे या नहर में सिल्ट जमी है, पानी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है या सफाई कार्य में कोई शिथिलता नज़र आती है, तो विभाग ने इसके त्वरित समाधान के लिए सीधी व्यवस्था की है।
क्षेत्र के सम्मानित किसान भाई और जनप्रतिनिधि अपने निकटतम सिंचाई विभाग कार्यालय में जाकर लिखित आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके अलावा, मौके का भौतिक सत्यापन और त्वरित कार्रवाई के लिए सीधे संबंधित सहायक अभियंता (AE) से संपर्क साधा जा सकता है। वहीं गाँव व क्षेत्र स्तर पर तत्काल स्थल चिह्नित कराने के लिए जूनियर इंजीनियर (JE) और जिलेदार जैसे विभागीय अधिकारियों को सीधी जानकारी दी जा सकती है, ताकि समस्याओं का मौक़े पर ही निवारण हो सके।
‘नहरें हमारी जीवन रेखाएं’: संरक्षण का सामूहिक दायित्व
अभियान के दौरान विभागीय अधिकारियों ने क्षेत्रवासियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि “नहरें हमारी जीवन रेखाएं हैं।” इनकी सुरक्षा और रखरखाव केवल किसी एक विभाग का नहीं, बल्कि हम सभी का सामूहिक दायित्व है। यदि नहरों में कचरा, पॉलिथीन और गंदगी न फेंकी जाए और समय पर सफाई में सहयोग दिया जाए, तो फसल सुरक्षा और जल वितरण की व्यवस्था को शत-प्रतिशत सफल बनाया जा सकता है।
TargetTvLive की राय (Editor’s Note)
रबी फसल के मौसम में सिंचाई का पानी समय पर मिलना किसान की साल भर की मेहनत और फसल की पैदावार तय करता है। सिंचाई विभाग द्वारा शुरू की गई यह ‘पारदर्शी सिल्ट सफाई पहल’ यदि धरातल पर पूरी निष्ठा से लागू होती है, तो धामपुर क्षेत्र के हज़ारों किसानों को इसका सीधा और बड़ा लाभ मिलेगा।












