बिजनौर मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश:
शराब पार्टी, पैसों का शक और बेल्ट से घोंटा गला… स्योहारा पुलिस का बड़ा खुलासा
2 शातिर कातिल गिरफ्तार; पढ़िए दिल दहला देने वाली पूरी इनसाइड स्टोरी
डिजिटल डेस्क, targetTvLive विशेष रिपोर्ट: अवनीश त्यागी स्थान: बिजनौर (उत्तर प्रदेश)
मुख्य आकर्षण
- गुमशुदगी से खुला खौफनाक राज: 23 सितंबर की रात से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब अनीस का गन्ने के खेत में मिला शव।
- दोस्ती पर कलंक: साथ बैठकर शराब पी, फिर जेब में रुपये होने के शक में दोस्तों ने ही ली जान।
- हत्या का रोंगटे खड़े करने वाला तरीका: दो ने हाथ-पैर दबोचे, तीसरे ने बेल्ट से दबाया गला और नुकीली सलाई से गर्दन पर किए ताबड़तोड़ वार।
- स्योहारा पुलिस की त्वरित स्ट्राइक: महज कुछ ही घंटों की गहन तफ्तीश के बाद 2 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार, खून से सने कपड़े और पहचान पत्र बरामद।
शराब की महफिल में डोली नीयत: जानिए क्या थी कत्ल की वजह?
उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर स्थित थाना स्योहारा क्षेत्र में घटी इस खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बीते 27 सितंबर 2026 को वादी जमील (पुत्र अब्दुल अजीज, निवासी ग्राम मकसूदपुर, थाना स्योहारा) ने थाने में आकर अपने भाई अनीस की गुमशुदगी के संबंध में एक लिखित प्रार्थना पत्र दिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्योहारा पुलिस ने तत्काल गुमशुदगी दर्ज कर इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से जांच शुरू की। तफ्तीश के दौरान पुलिस का शक तीन युवकों—हिमांशु, राजा और हरप्रीत (उर्फ हर्ष उर्फ अंगा) पर गहराया।
जब पुलिस ने हिमांशु और राजा को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की, तो उन्होंने जो राज उगला, उसने पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए।
बेल्ट से घोंटा गला, सलाई से वार: हत्या की रोंगटे खड़े करने वाली इनसाइड स्टोरी
पूछताछ में अभियुक्तों ने एक स्वर में पूरी खौफनाक साजिश की परतें खोलीं:
- 23 सितंबर 2026 की रात: हिमांशु, राजा और हरप्रीत ने अनीस को अपने साथ शराब पीने के लिए बुलाया।
- पैसों की सनक: शराब के सुरूर में आरोपियों को लगा कि अनीस के पास काफी नकदी (रुपये) मौजूद है।
- तलाशी पर विवाद: जब तीनों ने जबरन अनीस की तलाशी लेनी शुरू की, तो अनीस ने इसका कड़ा विरोध किया।
- निर्मम हत्या: कहासुनी बढ़ते ही तीनों की नीयत बिगड़ गई।
- हिमांशु ने अनीस के दोनों हाथ मजबूती से जकड़ लिए।
- राजा ने अनीस के पैरों को दबोच लिया ताकि वह छटपटा न सके।
- हरप्रीत (उर्फ अंगा) ने बिना वक्त गंवाए अपनी बेल्ट से अनीस का गला घोंटना शुरू कर दिया और बाल संवारने वाली नुकीली सलाई से उसकी गर्दन पर घातक प्रहार कर दिए।
घिनौनी वारदात को अंजाम देने के बाद, तीनों ने शव को छिपाने के लिए ग्राम कुम्हारपुरा में रजवाहे की पटरी से लगभग 50 कदम अंदर गन्ने (ईख) के खेत में फेंक दिया और खून से सने कपड़ों को रास्ते में अलग-अलग जगह फेंककर फरार हो गए।
पुलिसिया कार्रवाई: धाराओं में बदलाव और गिरफ्तारी
स्योहारा पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर गन्ने के खेत से अनीस का शव बरामद कर लिया। प्राप्त साक्ष्यों और तहरीर के आधार पर 30 सितंबर 2026 को स्योहारा थाने में मामला दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं—103(1) (हत्या), 238(a) (साक्ष्य मिटाना), और 3(5) (समान मंशा) के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
- हिमांशु (पुत्र राजकुमार, निवासी: मोहल्ला अंबेडकर नगर, कस्बा व थाना हल्दौर, जनपद बिजनौर)
- राजा (पुत्र धर्मवीर, निवासी: मोहल्ला जमुना वाला, कस्बा व थाना हल्दौर, जनपद बिजनौर)
(नोट: फरार आरोपी हरप्रीत उर्फ हर्ष की तलाश में पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।)
पुलिस द्वारा की गई बरामदगी:
- मृतक अनीस का मूल आधार कार्ड
- अभियुक्तों द्वारा घटना के समय पहने गए रक्तरंजित (खून से सने) कपड़े
क्रिमिनल बैकग्राउंड: गिरफ्तार आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार अभियुक्त हिमांशु पहले भी हत्या जैसे संगीन अपराध में शामिल रह चुका है:
- हिमांशु का आपराधिक इतिहास:
- मु0अ0सं0 35/2024, धारा 302/34 भादवि (थाना हल्दौर, बिजनौर)
- मु0अ0सं0 382/2026, धारा 103(1)/238(a)/3(5) बीएनएस (थाना स्योहारा, बिजनौर)
- राजा का आपराधिक इतिहास:
- मु0अ0सं0 382/2026, धारा 103(1)/238(a)/3(5) बीएनएस (थाना स्योहारा, बिजनौर)
सरहानीय कार्य करने वाली स्योहारा पुलिस टीम
इस जटिल और अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में स्योहारा पुलिस टीम ने बेहतरीन तालमेल और मुस्तैदी का परिचय दिया। टीम में निम्नलिखित अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे:
- संजय कुमार (थाना प्रभारी, थाना स्योहारा)
- उ0नि0 कृष्ण कुमार
- उ0नि0 राजेश कुमार
- उ0नि0 अरुण कुमार
- कांस० बबलू कुमार (310)
- कांस० मोनू कुमार (1849)
- महिला कांस० पूजा (1720)
- रिक्रूट कांस० अंशुल राणा (2876)
- रिक्रूट कांस० आलोक पंवार (2706)
TargetTvLive विशेष संपादकीय टिप्पणी
संपादकीय दृष्टिकोण: शराब के नशे और पैसों के चंद रुपयों के लालच में दोस्तों द्वारा ही दोस्त की बलि चढ़ा देने की यह घटना रोंगटे खड़े कर देने वाली है। समाज में तेजी से घटता नैतिक स्तर और नशे की लत आज युवाओं को गंभीर अपराधों की ओर ढकेल रही है। स्योहारा थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सटीक तफ्तीश की बदौलत कातिल सलाखों के पीछे पहुँच सके हैं, जिससे परिजनों को न्याय की उम्मीद जगी है।
विशेष रिपोर्ट targetTvLive के लिए अवनीश त्यागी द्वारा तैयार की गई है। ताज़ा खबरों और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जुड़े रहें हमारे targetTvLive पोर्टल से।












