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बिजनौर में गन्ना सीजन से पहले बड़ा सवाल: ट्रैक्टर-ट्रॉली, ओवरलोडिंग और अवैध खनन पर किसान संगठन ने ARTO को भेजा पत्र

गन्ना सीजन से पहले बड़ा सवाल: ट्रैक्टर-ट्रॉली, ओवरलोडिंग और अवैध खनन पर किसान संगठन ने ARTO को भेजा पत्र

गन्ना ढुलाई में नियमों की अनदेखी पर उठे सवाल, अवैध खनन और नियमविरुद्ध वाहनों के संचालन पर भी कार्रवाई की मांग

बिजनौर | Target TV Live डेस्क
विशेष रिपोर्ट: अवनीश त्यागी

गन्ना पेराई का सीजन दस्तक दे रहा है और इसके साथ ही खेतों से चीनी मिलों तक गन्ना पहुंचाने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, ट्रकों और अन्य वाहनों की आवाजाही भी बढ़ने वाली है। इसी बीच भारतीय किसान यूनियन (जमींदार) ने परिवहन व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर सवाल उठाते हुए ARTO प्रवर्तन, बिजनौर को पत्र भेजकर प्रभावी जांच और कार्रवाई की मांग की है।

23 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम शर्मा की ओर से भेजे गए पत्र में गन्ना ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की फिटनेस, टैक्स, इंश्योरेंस, ओवरलोडिंग और नियमविरुद्ध संचालन की जांच कराने की मांग की गई है। पत्र में अवैध खनन से जुड़े वाहनों के संचालन पर भी रोक लगाने की मांग उठाई गई है।

गन्ना सीजन से पहले क्यों उठी यह आवाज?

गन्ने की ढुलाई का सीजन शुरू होते ही ग्रामीण और मुख्य मार्गों पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों तथा ट्रकों की संख्या बढ़ जाती है। यही वह समय होता है जब वाहन की क्षमता, दस्तावेज और सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों की निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है।

किसान संगठन का कहना है कि गन्ना क्रय केंद्रों से गन्ना ढुलाई में प्रयुक्त वाहनों के संचालन में नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

पत्र में परिवहन विभाग से अपेक्षा की गई है कि सीजन शुरू होने से पहले ही जांच अभियान चलाकर व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, ताकि बाद में किसी दुर्घटना या अव्यवस्था के बाद कार्रवाई की नौबत न आए।

फिटनेस, टैक्स और इंश्योरेंस—सिर्फ कागज नहीं, सड़क पर भी हो जांच

किसान संगठन ने अपने पत्र में गन्ना ढुलाई में लगे वाहनों के फिटनेस, टैक्स और इंश्योरेंस आदि का अवलोकन करने की मांग की है।

यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी वाहन का सड़क पर व्यावसायिक अथवा परिवहन कार्य में इस्तेमाल होने से पहले उसके वैधानिक दस्तावेज और निर्धारित मानकों का अनुपालन महत्वपूर्ण होता है।

संगठन ने विशेष रूप से ओवरलोडिंग पाए जाने पर वाहन के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

यानी मांग का केंद्र केवल चालान काटना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सड़क पर चलने वाला वाहन नियमों के अनुरूप और सुरक्षित स्थिति में हो।

अवैध खनन के वाहनों पर भी निगाह रखने की मांग

पत्र में गन्ना ढुलाई के साथ अवैध खनन और उससे जुड़े वाहनों का मुद्दा भी उठाया गया है।

संगठन ने नियमविरुद्ध खनन अथवा परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों पर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, पत्र में लगाए गए आरोपों को संबंधित संगठन की शिकायत के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के स्तर पर नहीं हुई है।

यही वजह है कि अब प्रशासनिक जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए और यदि तथ्य अलग मिलते हैं तो स्थिति भी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट की जानी चाहिए।

सबसे बड़ा सवाल—सीजन शुरू होने से पहले कितनी तैयारी?

गन्ना सीजन कोई एक-दो दिन की गतिविधि नहीं है। कई सप्ताह तक हजारों वाहनों की आवाजाही के बीच सड़क सुरक्षा, ओवरलोडिंग और वाहन दस्तावेजों की जांच लगातार चुनौती बनी रहती है।

ऐसे में किसान संगठन के पत्र ने परिवहन विभाग के सामने एक सीधा सवाल रखा है—

क्या गन्ना सीजन शुरू होने के बाद कार्रवाई होगी या उससे पहले ही सड़कों पर प्रभावी निगरानी शुरू कर दी जाएगी?

अगर जांच अभियान पहले से सक्रिय होता है तो नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर समय रहते कार्रवाई की जा सकती है। इससे दुर्घटनाओं और सड़क पर अनावश्यक जोखिम को कम करने में भी मदद मिल सकती है।

गन्ना किसान के हित से भी जुड़ा है परिवहन का सवाल

गन्ने की ढुलाई की पूरी व्यवस्था का सीधा संबंध किसान से है। खेत से क्रय केंद्र और क्रय केंद्र से चीनी मिल तक गन्ना पहुंचाने की प्रक्रिया जितनी व्यवस्थित होगी, उतना ही परिवहन विवाद और अव्यवस्था की संभावना कम होगी।

इसलिए निगरानी के दायरे में केवल वाहन चालक ही नहीं, बल्कि वाहन की वैधता, क्षमता, दस्तावेज, ढुलाई की प्रक्रिया और संबंधित नियमों के अनुपालन को भी देखा जाना जरूरी है।

पत्र से उठे पांच बड़े सवाल

1. गन्ना सीजन में बढ़ने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रकों की निगरानी की क्या व्यवस्था है?

2. गन्ना ढुलाई में लगे वाहनों की फिटनेस और अन्य वैधानिक दस्तावेजों की जांच कितनी नियमित होगी?

3. ओवरलोडिंग पर क्या प्रभावी और समान कार्रवाई होगी?

4. अवैध खनन अथवा नियमविरुद्ध खनिज परिवहन के वाहनों पर परिवहन विभाग और संबंधित विभाग किस स्तर पर समन्वय करेंगे?

5. क्या शिकायत के बाद कोई विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा?

Target TV Live का विश्लेषण

गन्ने की पहली ट्रॉली सड़क पर उतरने से पहले व्यवस्था की पहली परीक्षा शुरू हो जाती है। किसान संगठन का पत्र इसी तैयारी की ओर ध्यान खींचता है।

मुद्दा केवल ट्रैक्टर-ट्रॉली का नहीं है। मुद्दा है—सड़क पर चलने वाला वाहन नियमों के अनुरूप है या नहीं, निर्धारित क्षमता में है या नहीं और उसकी वैधानिक स्थिति स्पष्ट है या नहीं।

अब गेंद परिवहन विभाग के पाले में है। शिकायत पर कार्रवाई का वास्तविक मूल्य तभी सामने आएगा, जब जांच दस्तावेजों से आगे सड़क तक पहुंचे और नियमों का पालन सभी वाहनों पर समान रूप से सुनिश्चित किया जाए।

गन्ना सीजन आने वाला है; अब देखना यह है कि विभाग पहले सड़क पर निगरानी उतारता है या शिकायतों के बाद कार्रवाई का इंतजार करता है।

रिपोर्टिंग क्रेडिट

अवनीश त्यागी
Target TV Live डेस्क

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