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‘मौत का गेट नंबर-3’: गंगा बैराज से लापता युवती ने फिर बढ़ाई दहशत, 60 दिन में कई सुसाइड केस से दहला बिजनौर
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive
📍 ताज़ा घटनाक्रम: CCTV, चप्पल और सुसाइड नोट… फिर गायब हो गई पलक
बिजनौर में गंगा बैराज एक बार फिर चर्चा में है। शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला जाटान की 27 वर्षीय युवती पलक रविवार सुबह रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गई।
जांच में सामने आए अहम तथ्य:
- सुबह 5:18 बजे CCTV में पुल की ओर जाती दिखी
- गेट नंबर-3 पर चप्पलें बरामद
- कमरे से मिला सुसाइड नोट
- पुलिस को आशंका — गंगा में छलांग
चार दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन पीएसी फ्लड यूनिट और गोताखोरों की लगातार सर्चिंग के बावजूद कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।
एक नहीं, कई केस: क्यों बनता जा रहा ‘सुसाइड ज़ोन’?
TargetTvLive की एक्सक्लूसिव पड़ताल में सामने आया कि गंगा बैराज अब सिर्फ एक लोकेशन नहीं, बल्कि एक खतरनाक पैटर्न बनता जा रहा है।
🔻 हाल के प्रमुख मामले:
1️⃣ दवा व्यापारी सुसाइड केस
हाल ही में एक दवा व्यापारी की आत्महत्या के प्रयास ने जिले को झकझोर दिया।
👉 आर्थिक दबाव और पारिवारिक तनाव को वजह माना गया
👉 मामला बड़े अखबारों की हेडलाइन बना
2️⃣ गंगा में कूदने की लगातार घटनाएं
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में बार-बार सामने आया कि लोग बैराज से कूदकर जान देने की कोशिश कर रहे हैं।
3️⃣ हाई-प्रोफाइल केस (IIT ग्रेजुएट/UPSC अभ्यर्थी)
पिछले साल सामने आया यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बना था।
👉 इससे यह साफ हुआ कि मानसिक दबाव किसी भी वर्ग को तोड़ सकता है
डेटा एनालिसिस: 60 दिन में खतरनाक ट्रेंड
TargetTvLive डेटा इनसाइट:
- कुल संभावित केस: 10–15
- हेडलाइन में आए केस: 5–7
- अनरिपोर्टेड/कम कवरेज: बड़ी संख्या
👉 मतलब साफ है — जो दिख रहा है, उससे ज्यादा छिपा हुआ है।
गंगा बैराज क्यों बन रहा ‘डेथ पॉइंट’?
गहन विश्लेषण में सामने आए कारण:
- पुल से सीधे नदी तक आसान पहुंच
- कई जगह सुरक्षा बैरियर या जाल का अभाव
- CCTV तो हैं, लेकिन रियल-टाइम रोकथाम नहीं
- मेंटल हेल्थ सपोर्ट सिस्टम कमजोर
ग्राउंड रियलिटी: कौन लोग सबसे ज्यादा प्रभावित?
- युवा (18–35 आयु वर्ग)
- घरेलू महिलाएं
- आर्थिक दबाव झेल रहे परिवार
👉 विशेषज्ञों का मानना है कि “डिप्रेशन और तनाव के मामलों की रिपोर्टिंग बेहद कम होती है।”
प्रशासन पर बड़े सवाल
- क्या गंगा बैराज पर एंटी-सुसाइड बैरियर लगाए जाएंगे?
- क्या यहां 24×7 निगरानी और अलर्ट सिस्टम होगा?
- क्या जिले में मेंटल हेल्थ हेल्पलाइन प्रभावी है?
TargetTvLive की चेतावनी
“अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो गंगा बैराज आने वाले समय में और बड़ी त्रासदियों का केंद्र बन सकता है।”
यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक सामाजिक संकट का संकेत है।
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