कब्जा हटाने के बाद भी नहीं टूटा ‘भू-माफिया का नेटवर्क’? स्कूल की पिछली दीवार से जारी अवैध कारोबार का नया खुलासा
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📍बिजनौर/अफजलगढ़| डिजिटल डेस्क
उत्तर प्रदेश के अफजलगढ़ स्थित राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज अफजलगढ़ की सरकारी भूमि से हाल ही में प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद एक नया और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। आरोप है कि मुख्य कब्जा हटाने के बावजूद पुरानी स्कूल बिल्डिंग की पिछली दीवार तोड़कर अवैध रूप से निर्माण सामग्री रखने और बेचने का खेल अब भी जारी है।
स्वतंत्र पत्रकार द्वारा की गई शिकायत ने प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहले प्रशासन ने हटाया था कब्जा, लोगों ने जताई थी खुशी
कुछ समय पहले प्रशासन ने कॉलेज की सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान चलाया था। इस कार्रवाई को जिले में भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ी और सख्त कार्रवाई के रूप में देखा गया।
प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया था कि:
- सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
- अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा
इस कार्रवाई के बाद:
- स्कूल प्रशासन ने राहत की सांस ली
- स्थानीय लोगों ने खुशी जताई
- कॉलेज के विकास कार्यों के रास्ते खुलने की उम्मीद जगी
लेकिन पीछे से जारी रहा ‘अवैध रास्ते’ का खेल
अब स्वतंत्र पत्रकार हाजी मोहम्मद रिजवान कुरैशी ने जिला विद्यालय निरीक्षक बिजनौर को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि:
- स्कूल की पुरानी बिल्डिंग की पिछली दीवार जानबूझकर तोड़ी गई
- इस टूटे हिस्से का उपयोग आवागमन और अवैध भंडारण के लिए किया जा रहा है
- मौके पर बजरी, रेत और अन्य निर्माण सामग्री रखकर बेची जा रही है
- यह गतिविधि करीब 6 वर्षों से चल रही है
सबसे गंभीर बात यह है कि 17 फरवरी 2026 को जब प्रशासन ने कब्जा हटाने की कार्रवाई की, तब भी यह दीवार टूटी हुई थी, लेकिन इस हिस्से पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
फोटो और साक्ष्य ने खोली पोल
शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्होंने:
- मौके की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्डिंग की है
- फोटो में साफ दिखाई दे रहा है कि दीवार तोड़कर स्थायी रास्ता बनाया गया
- वहां निर्माण सामग्री का भंडारण किया जा रहा है

ये साक्ष्य अब प्रशासन को सौंपे गए हैं।
स्कूल प्रशासन और स्थानीय लोगों में फिर बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि:
“जब प्रशासन ने कब्जा हटाया तो लगा कि अब स्कूल पूरी तरह सुरक्षित हो गया है, लेकिन अब पता चल रहा है कि पीछे से अवैध गतिविधियां जारी हैं।”
स्कूल से जुड़े लोगों को डर है कि:
- इससे स्कूल की संपत्ति को नुकसान हो सकता है
- भविष्य में फिर बड़े कब्जे की कोशिश हो सकती है
प्रशासन की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल
यह मामला कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है:
- क्या कब्जा हटाने की कार्रवाई अधूरी रह गई?
- क्या प्रशासन को इस टूटे हिस्से की जानकारी नहीं थी?
- क्या किसी की लापरवाही से अवैध गतिविधि जारी रही?
विशेषज्ञों के अनुसार, सरकारी स्कूल की संपत्ति पर कब्जा गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
शिकायतकर्ता की मांग: दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है:
✔ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच
✔ अवैध रास्ते को तुरंत बंद किया जाए
✔ कब्जा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई हो
उन्होंने जांच में पूरा सहयोग देने की बात भी कही है।
विश्लेषण: क्या अधूरी कार्रवाई से बढ़ रहा भूमाफियाओं का हौसला?
उत्तर प्रदेश में सरकारी जमीनों पर कब्जे के मामलों में अक्सर यह देखा गया है कि:
- मुख्य कब्जा हट जाता है
- लेकिन पीछे के रास्तों से गतिविधियां जारी रहती हैं
यदि इस मामले में भी ऐसा हुआ है, तो यह प्रशासनिक निगरानी पर बड़ा सवाल है।
अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी नजर
पूरा मामला सामने आने के बाद अब निगाहें बिजनौर प्रशासन पर टिकी हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो:
- दोषियों पर एफआईआर दर्ज हो सकती है
- अवैध रास्ता बंद किया जा सकता है
- और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय हो सकती है
निष्कर्ष: कब्जा हटाने के बाद भी सतर्कता जरूरी
यह मामला इस बात का उदाहरण है कि केवल कब्जा हटाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगातार निगरानी भी जरूरी है।
यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो सरकारी संपत्तियां फिर से भू-माफियाओं के निशाने पर आ सकती हैं।
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2 thoughts on “सरकारी स्कूल की दीवार तोड़कर फिर कब्जा? प्रशासन की कार्रवाई के बाद भी जारी अवैध कारोबार | बिजनौर खुलासा”
Very nice and good news👍
Adhikari aur lekhpal ke virudh FIR honi chahiye.