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आकांक्षात्मक ब्लॉकों नजीबाबाद–कोतवाली पर फोकस, शिक्षा–स्वास्थ्य–पेयजल पर तत्काल एक्शन के निर्देश

नीति आयोग की सख़्त समीक्षा में बिजनौर प्रशासन कटघरे में

आकांक्षात्मक ब्लॉकों नजीबाबाद–कोतवाली पर फोकस, शिक्षा–स्वास्थ्य–पेयजल पर तत्काल एक्शन के निर्देश

बिजनौर | 21 दिसम्बर 2025 | विशेष रिपोर्ट

नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा नामित सेन्ट्रल प्रभारी अधिकारी विपुल सिंघल ने विकास भवन सभागार, बिजनौर में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले के आकांक्षात्मक विकास खण्ड नजीबाबाद एवं कोतवाली की प्रगति की गहन समीक्षा की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संरक्षण और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे मूलभूत विकास सूचकों पर ज़मीनी हकीकत सामने रखते हुए अधिकारियों को स्पष्ट और समयबद्ध कार्ययोजना के निर्देश दिए।

शिक्षा पर सीधा सवाल: हर बच्चा स्कूल में क्यों नहीं?

समीक्षा के दौरान बच्चों के नामांकन को लेकर उठे सवालों पर सेन्ट्रल प्रभारी अधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को कड़े निर्देश दिए कि स्कूल से बाहर रह गए बच्चों की पहचान कर ब्लॉक-वार माइक्रो एक्शन प्लान तैयार किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आकांक्षात्मक ब्लॉकों में शिक्षा केवल आंकड़ों की नहीं, बल्कि उपस्थिति और गुणवत्ता की भी परीक्षा है।

ग्रामीण स्वास्थ्य पर चिंता: घरों में हो रहे प्रसव बने चुनौती

ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी घरों पर प्रसव कराए जाने को गंभीरता से लेते हुए विपुल सिंघल ने कहा कि यह मातृ एवं शिशु मृत्यु दर बढ़ने का बड़ा कारण बन सकता है।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि चिकित्सालयों में प्रसव को बढ़ावा देने हेतु व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित हो सके।

भूजल संकट पर अलार्म: रिचार्ज नहीं तो भविष्य संकट में

नीति आयोग की समीक्षा में ग्राउंड वाटर रिचार्ज को लेकर भी सख्त रुख देखने को मिला।
सेन्ट्रल प्रभारी अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि अभी एक्शन प्लान नहीं बना, तो आने वाले वर्षों में जिले को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ेगा। ग्राम पंचायत स्तर पर रिचार्ज संरचनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

डिजिटल इंडिया की रफ्तार धीमी? भारत नेट पर निर्देश

ग्राम पंचायतों में भारत नेट कनेक्शन की स्थिति पर असंतोष जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को डिजिटल कनेक्टिविटी तेज करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि डिजिटल नेटवर्क के बिना शासन की योजनाएं ज़मीनी स्तर तक प्रभावी नहीं हो सकतीं।

बालिकाओं की गरिमा से जुड़ा सवाल: स्कूलों में गर्ल्स टॉयलेट

स्कूलों में गर्ल्स टॉयलेट्स की व्यवस्था और साफ-सफाई को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि यह केवल सुविधा नहीं, बल्कि बालिकाओं की शिक्षा निरंतरता से जुड़ा मूल अधिकार है।

कौन-कौन रहा मौजूद

इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी रणविजय सिंह, उपायुक्त एनआरएलएम, उपायुक्त मनरेगा, उप कृषि निदेशक, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, खंड विकास अधिकारी सहित ब्लॉक व जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे।

आकांक्षात्मक ब्लॉक अब ‘रिपोर्ट नहीं, रिज़ल्ट’ मांग रहे

नीति आयोग की यह समीक्षा बैठक साफ संकेत देती है कि अब कागज़ी प्रगति रिपोर्ट से काम नहीं चलेगा।
शिक्षा में नामांकन, स्वास्थ्य में संस्थागत प्रसव, जल संरक्षण और डिजिटल कनेक्टिविटी—ये सभी ऐसे सूचक हैं जिन पर सीधे जनजीवन का भविष्य निर्भर करता है।
अब देखना यह होगा कि बिजनौर प्रशासन इन निर्देशों को ज़मीनी बदलाव में कितना और कितनी जल्दी बदल पाता है।

👉 आकांक्षात्मक ब्लॉकों की अगली परीक्षा ज़मीनी परिणामों की होगी, और निगाहें नीति आयोग की रहेंगी…

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