अयोध्या में 161 फीट ऊंचाई पर फहराया गया धर्म ध्वज
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मोहन भागवत बोले—“रामराज्य का प्रतीक, संघर्ष करने वालों की आत्मा आज तृप्त”
अयोध्या में राम मंदिर पर मंगलवार को 161 फीट ऊंचाई पर धर्म ध्वजा फहराए जाने के विशेष अवसर पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने संबोधन किया। उन्होंने कहा कि यह वही धर्म ध्वज है, जो रामराज्य के दौरान लहराया गया था। इस ध्वज के अभिषेक और आरोहण के साथ उन्होंने इसे राम मंदिर निर्माण की पूर्णता का प्रतीक बताया।
संघ प्रमुख ने विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत संरक्षकों—अशोक सिंहल, महंत रामचंद्र दास परमहंस और विष्णु हरि डालमिया—का स्मरण किया और कहा कि आज का दिन उन सभी के लिए आत्मतृप्ति का क्षण है, जिन्होंने इस आंदोलन में योगदान दिया, परंतु अपने जीवनकाल में मंदिर निर्माण का स्वप्न साकार होते नहीं देख सके। उन्होंने कहा, “हमने जैसा सपना देखा था, उससे भी सुंदर यह मंदिर बन गया है।”
अपने संबोधन में भागवत ने कहा कि अब देश और समाज को इस धर्म ध्वजा की तरह ऊँची प्रतिष्ठा हासिल करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज ने सदियों तक संघर्ष किया और यह क्षण निरंतरता की उसी शक्ति का परिणाम है। सूर्य के उदय-अस्त की अनवरत प्रक्रिया का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि समाज की निरंतर एकजुटता ही बड़ी उपलब्धियों का मार्ग प्रशस्त करती है।
भागवत ने कहा कि यह ध्वज और मंदिर दोनों दिवंगत पवित्र आत्माओं की कल्पना से भी अधिक भव्य हैं। उन्होंने कहा कि आज का दृश्य जन्म की सफलता और युगों के सपनों के साकार होने जैसा है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अनेक संत, महंत और गणमान्य उपस्थित रहे।











