DM से सीधा सवाल, मौके पर समाधान!
बिजनौर में महिलाओं की आवाज़ बुलंद—“हक़ की बात” कार्यक्रम बना सशक्तिकरण का मंच
यौन हिंसा से लेकर अवैध कब्जे तक—महिलाओं ने खुलकर रखी अपनी बात, DM जसजीत कौर बोलीं: “आप बोलेंगी, तभी बदलाव होगा”
बिजनौर, 26 नवंबर 2025।
महात्मा विदुर सभागार आज उस आवाज़ का गवाह बना, जिसे अक्सर घरों की चारदीवारी के भीतर दबा दिया जाता है। मिशन शक्ति 5.0 के तहत आयोजित “हक़ की बात जिलाधिकारी के साथ” कार्यक्रम में जिले की महिलाओं ने बेखौफ होकर अपने दर्द, संघर्ष और शिकायतों को सीधे जिलाधिकारी जसजीत कौर के सामने रखा—और प्रशासन ने भी पूरी गंभीरता से सुना।
जहाँ डर खत्म, वहीं से न्याय की राह शुरू—DM का सशक्त संदेश
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने शुरुआत से ही माहौल स्पष्ट कर दिया—
“यह मंच आपका है। यहां डरने की ज़रूरत नहीं। सच बोलिए और बेझिझक बोलिए—प्रशासन आपके साथ खड़ा है।”
उनका यह संदेश महिलाओं में वही भरोसा जगाता दिखा, जिसे लेकर मिशन शक्ति अभियान शुरू किया गया था।
घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, यौन शोषण—महिलाओं ने बेबाकी से खोली परतें
कार्यक्रम में महिलाओं ने जिन मुद्दों पर खुलकर आवाज़ उठाई, वे किसी भी समाज के लिए आईना साबित हो सकते हैं—
- पति-पत्नी संघर्ष और घरेलू हिंसा
- दहेज उत्पीड़न एवं परिवार द्वारा मानसिक प्रताड़ना
- दुकान/ज़मीन पर अवैध कब्ज़े
- कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों के साथ छेड़छाड़
- आवास योजना में अनियमितता
- बच्चियों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामले
एक-एक शिकायत सुनते हुए DM ने मौके पर ही कई प्रकरणों में अधिकारियों को निर्देश जारी किए, जिससे महिलाओं में नया आत्मविश्वास दिखा।
“फर्ज़ी शिकायतें न करें, लेकिन असली समस्या हो तो रुकिए मत”—DM का संतुलित संदेश
जसजीत कौर ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन हर सही शिकायत का समाधान करेगा, लेकिन अतिरंजित या झूठी शिकायतें अन्य पीड़ितों का हक़ मारती हैं।
इस संतुलित अपील ने कार्यक्रम को और अधिक जिम्मेदार व प्रभावी बना दिया।
महिलाओं की आवाज़ ने भरी गति—सभागार गूंज उठा सवालों और समाधान से
कार्यक्रम का संचालन डीएमसी रविता राठी ने किया, जिन्होंने मंच को संवादात्मक बनाया। हर वक्ता की बात पर पूरा सभागार गंभीरता से ध्यान देता रहा।
ऐसे कई मामले सामने आए जहाँ महिलाओं ने पहली बार किसी अधिकारी के सामने अपनी समस्या रखी।
और सबसे अहम—
उनकी बात सुनी भी गई और उस पर तुरंत कार्रवाई का भरोसा भी दिया गया।
बिजनौर में महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल
“हक़ की बात जिलाधिकारी के साथ” सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वह प्लेटफॉर्म साबित हुआ, जहाँ महिलाओं की आवाज़ को सम्मान मिला और न्याय की पहली सीढ़ी मजबूत हुई।
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और प्रशासन का संवेदनशील रुख यह दिखाता है कि बिजनौर में अब—
“चुप्पी नहीं, सीधे DM से बात”
ही बदलाव की नई पहचान बनने जा रही है।












