डिजिटल–टीवी–रेडियो पत्रकार अब “वर्किंग जर्नलिस्ट” श्रेणी में,4 श्रम कोड लागू होते ही बड़ा बदलाव, WJI की लंबी लड़ाई सफल
चारों श्रम कोड के लागू होते ही केंद्र ने पत्रकार की परिभाषा का दायरा बढ़ाया • डिजिटल मीडिया, टीवी, रेडियो के साथी अब औपचारिक रूप से श्रमिक सुरक्षा के दायरे में • WJI नेतृत्व—संजय उपाध्याय व नरेंद्र भंडारी—ने इसे ऐतिहासिक जीत बताया
📌 मीडिया जगत के लिए ऐतिहासिक दिन
देश में चार नए श्रम कोड (Labour Codes) लागू होते ही पत्रकारिता जगत में एक बड़ा बदलाव आया है।
अब डिजिटल मीडिया, वेब पोर्टल, टीवी चैनल और रेडियो में काम करने वाले पत्रकारों को भी औपचारिक रूप से ‘वर्किंग जर्नलिस्ट’ की श्रेणी में शामिल किया गया है।
यह वही मांग थी जिसे वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया (WJI) ने वर्षों से केंद्र में रखकर संघर्ष किया था।
राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार उपाध्याय और राष्ट्रीय महासचिव नरेंद्र भंडारी ने इसे पत्रकारों के हित में “लंबे संघर्ष की बड़ी जीत” बताया है।
📌 क्या बदला?—पत्रकार की परिभाषा हुई व्यापक
पहले ‘वर्किंग जर्नलिस्ट’ की परिभाषा मुख्यतः
- अखबारों,
- प्रिंट मीडिया,
- समाचार एजेंसियों,
तक सीमित थी।
अब यह परिभाषा विस्तारित होकर तीन बड़े सेक्टर भी शामिल कर चुकी है:
✔ 1. डिजिटल / ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल
✔ 2. टीवी न्यूज़ और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया
✔ 3. रेडियो / एफएम / सामुदायिक रेडियो पत्रकार
इससे मीडिया जगत का वह सबसे बड़ा वर्ग—जो डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफ़ॉर्म पर न्यूज़ कंटेंट तैयार करता है—अब औपचारिक रूप से श्रमिक संरक्षण के दायरे में आ गया है।
📌 कौन से श्रम कोड लागू हुए और पत्रकारों को क्या फायदा होगा?
1️⃣ वेज कोड (Code on Wages)
- न्यूनतम वेतन का अधिकार
- समय पर और पारदर्शी वेतन भुगतान
- समान कार्य के लिए समान वेतन
- बोनस और भत्तों पर स्पष्ट नियम
डिजिटल मीडिया में कॉन्ट्रैक्ट / स्ट्रिंगर / प्रोजेक्ट-बेस्ड काम करने वालों के लिए यह सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।
2️⃣ सामाजिक सुरक्षा कोड (Social Security Code)
- ESIC, EPFO, मातृत्व लाभ, ग्रेच्युटी जैसी सुविधाओं में पत्रकारों की पात्रता मजबूत
- अनिश्चित नौकरी और असंगठित कामगार स्थितियों में सुरक्षा
- फ्रीलांस व गिग पत्रकारों के लिए भी सुरक्षा-जाल की संभावनाएँ
3️⃣ इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड (IR Code)
- नौकरी की शर्तों में पारदर्शिता
- विवाद निवारण प्रणाली
- मनमानी छंटनी पर रोक
- पत्रकार यूनियन की वैधता और अधिकारों में मजबूती
पत्रकार संगठनों को कानूनी मान्यता और संरक्षण इससे मजबूत होता है।
4️⃣ OSHWC कोड (Occupational Safety, Health & Working Conditions)
- रिपोर्टिंग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था
- न्यूज़रूम व फील्ड वर्क में सुरक्षित माहौल
- अत्यधिक घंटे, जोखिमपूर्ण कवरेज, लाइव ड्यूटी जैसे क्षेत्रों में स्पष्ट मानक
टीवी व डिजिटल रिपोर्टरों के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि फील्ड कवरेज में जोखिम अधिक होता है।
📌 WJI क्यों कह रही है—“लंबे संघर्ष की जीत”?
वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया (WJI) लगातार मांग कर रही थी कि—
“पत्रकारिता अब सिर्फ़ प्रिंट तक सीमित नहीं है। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सबसे बड़ा कार्यबल बन चुका है, इसे कानून में जगह मिलनी ही चाहिए।”
कई वर्षों से:
- ज्ञापन
- धरना–प्रदर्शन
- श्रम मंत्रालय से संवाद
- संसदीय समितियों को सुझाव
- नए कोड ड्राफ्टिंग पर आपत्तियाँ
ये सभी प्रयास इस बदलाव का आधार बने।
📌 पत्रकारों के लिए क्या बदलेगा? — पाँच बड़े प्रभाव
1. वेतन व अनुबंध में पारदर्शिता
अब चैनल, पोर्टल, एफएम स्टेशन मनमाने कॉन्ट्रैक्ट नहीं बना सकेंगे।
2. नौकरी की सुरक्षा में बढ़ोतरी
छंटनी, कटौती, शोषण—इन पर कानूनी सुरक्षा बढ़ेगी।
3. काम के घंटे और छुट्टियाँ नियंत्रित होंगी
डिजिटल और टीवी में 12–14 घंटे काम सामान्य था; अब नियम लागू होंगे।
4. जोखिमपूर्ण कवरेज में सुरक्षा
भीड़, दंगे, आपदा, चुनाव, अपराध रिपोर्टिंग—इनमें सुरक्षा मानक लागू होंगे।
5. यूनियन की शक्ति बढ़ेगी
WJI जैसी यूनियनें अब अधिक प्रभावी तरीके से पत्रकारों का प्रतिनिधित्व कर सकेंगी।
📌 सावधानी की जरूरत — क्या चुनौतियाँ अभी भी बाकी?
कुछ विशेषज्ञों ने चेताया है कि—
- पुराने Working Journalists Act की कुछ विशिष्ट सुरक्षाएँ कमजोर हुई हैं
- वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब राज्य सरकारें नियम बनाएँगी
- डिजिटल मीडिया में बड़े पैमाने पर “इंटर्न–फेलो–फ्रीलांस” मॉडल चलता है, इसमें स्पष्टता ज़रूरी है
- छोटे पोर्टलों पर लागू करवाना सबसे कठिन होगा
इसलिए यह “पहला बड़ा कदम” है—अंतिम मंज़िल नहीं।
📌 मीडिया सेक्टर में ऐतिहासिक सुधार, पर अमल ही तय करेगा परिणाम
चारों श्रम कोड लागू होने के साथ ही
डिजिटल, टीवी और रेडियो पत्रकारों को पहली बार कानूनी रूप से “वर्किंग जर्नलिस्ट” का दर्जा मिलने का रास्ता खुला है।
यह बदलाव
- पत्रकारों,
- यूनियनों,
- और मीडिया संस्थानों
तीनों के लिए नई संरचना तैयार करता है।
WJI नेतृत्व ने सही कहा—
“यह सिर्फ़ जीत नहीं, बल्कि पत्रकारों की गरिमा और सुरक्षा की दिशा में नए युग की शुरुआत है।”











