डुप्लीकेट वोट रखे तो सीधे जेल!
बिजनौर में SIR फॉर्म को लेकर बड़ी सख्ती, ADM ने दी चेतावनी
बिजनौर | 20 नवंबर 2025
लोकसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बिजनौर प्रशासन ने मतदाता सूची के सुधार अभियान में कड़ाई बढ़ा दी है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वान्या सिंह ने साफ चेतावनी दी है—यदि किसी मतदाता ने दो जगह SIR फॉर्म भरकर डुप्लीकेट वोट रखा, तो उसे एक साल की जेल तक हो सकती है।
जिन मतदाताओं के नाम दो से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं, उन्हें तुरंत केवल एक स्थान पर ही SIR फॉर्म जमा करना होगा। प्रशासन ने इसे चुनावी पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम बताते हुए कहा है कि “डुप्लिकेट वोटिंग किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
अधूरे दस्तावेज? कोई दिक्कत नहीं, पहले फॉर्म जमा करें!
ADM ने बताया कि कई लोग फॉर्म इसलिए नहीं भरते क्योंकि उनके पास सभी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होते। उन्होंने सलाह दी—
“नाम, मोबाइल नंबर और माता-पिता का नाम भरकर फॉर्म जमा कर दें। बाकी कागज़ात बाद में दे सकते हैं।”
ड्राफ्ट पब्लिकेशन के बाद भी दस्तावेज जमा कर फॉर्म को पूरा करना संभव रहेगा।
2003 की वोटर लिस्ट होगी आधार—पुराने मतदाता सावधान!
जिन मतदाताओं का नाम वर्ष 2003 या उससे पहले की मतदाता सूची में दर्ज था, उन्हें अपना विवरण उसी पुरानी वोटर लिस्ट के अनुसार भरना होगा।
ECI पोर्टल के ‘Search Your Name In Last SIR’ टैब पर जाकर यह जानकारी आसानी से निकाली जा सकती है।
2003 में नाम नहीं? रिश्तेदार का विवरण अनिवार्य
अगर मतदाता 2003 की सूची में नहीं था, तो उसे माता-पिता या 2003 में दर्ज किसी रिश्तेदार का विवरण देना होगा।
ये जानकारियाँ अपात्र मतदाताओं की पहचान करने और फर्जी वोट खत्म करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
अनाथ मतदाताओं के लिए अभिभावक/रिश्तेदार का विवरण लिया जाएगा।
जानकारी उपलब्ध न हो तो भी फॉर्म स्वीकार—लेकिन ‘Unverified’
जो मतदाता रिश्तेदार या पुरानी लिस्ट का विवरण नहीं दे पाते, वे कॉलम खाली छोड़कर भी फॉर्म जमा कर सकते हैं।
ऐसे फॉर्म BLO द्वारा ‘Unverified’ चिह्नित होंगे।
9 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद नोटिस देकर 31 जनवरी 2026 तक दस्तावेज जमा कराने होंगे।
दस्तावेज न देने पर ERO मतदाता की पात्रता तय करेगा।
घर पर न मिलने वाले मतदाता सूची से बाहर!
यदि BLO तीन बार घर जाकर भी मतदाता से संपर्क नहीं कर पाता और नोटिस चस्पा करने के बावजूद वह अनुपस्थित/शिफ्टेड/अनट्रेसेबल पाया जाता है, तो ऐसे मतदाता का नाम अंतिम वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा।
चुनावी शुचिता की दिशा में बड़ा कदम
बिजनौर प्रशासन की इस कार्रवाई को आगामी चुनावों के लिए मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और डुप्लीकेट-मुक्त बनाने की कड़ी तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
मतदाताओं से अपील है कि वे समय रहते SIR फॉर्म में अपनी जानकारी सत्यापित कर दें—क्योंकि ग़लतियों की कीमत सीधे जेल तक पहुंचा सकती है।











