पीएम किसान की 21वीं किस्त जारी
बिजनौर के 3 लाख से ज्यादा किसानों के खातों में पहुँचे 61.09 करोड़, सम्मान समारोह में उमड़ा उत्साह
कोयम्बटूर से पीएम ने बटन दबाकर जारी की किश्त • जिलेभर में लाइव प्रसारण • चयनित किसानों को दिए गए प्रशस्ति पत्र
अवनीश त्यागी की विश्लेषणात्मक रिपोर्ट
बिजनौर, 19 नवंबर 2025।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किश्त ने एक बार फिर किसानों के चेहरों पर उम्मीद और राहत की चमक ला दी। तमिलनाडु के कोयम्बटूर से प्रधानमंत्री द्वारा बटन दबाकर जारी इस किस्त का वर्चुअल प्रसारण बिजनौर में भी बड़े स्तर पर किया गया।
जिले के 3,05,477 किसानों के खाते में एक साथ 61.09 करोड़ रुपये सीधे पहुँचना सिर्फ आर्थिक मजबूती का संकेत नहीं, बल्कि सिस्टम की पारदर्शिता और किसान केंद्रित नीतियों की सफलता का प्रमाण भी है।
जिले में माहौल उत्सवी, किसान खुशी से झूमे
जनपद स्तरीय वर्चुअल कार्यक्रम में लगभग 250 किसान, कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष ने किसानों को बधाई देते हुए कहा कि यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए संजीवनी की तरह काम कर रही है।
उप कृषि निदेशक डॉ. घनश्याम वर्मा ने बताया कि देशभर के 9 करोड़ किसानों को आज कुल 18 हजार करोड़ रुपये जारी किए गए—यह राशि रबी सीजन के बीच किसानों के आर्थिक बोझ को काफी हद तक कम करेगी।
प्रधानमंत्री के संबोधन का गांव-गांव हुआ प्रसारण
प्रधानमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण जिलے के सभी विकासखंडों, कोऑपरेटिव सोसाइटीज़ और ग्राम पंचायतों में कराया गया। किसानों ने अपने गाँवों में बड़ी स्क्रीन, मोबाइल, टीवी और पंचायत भवनों में कार्यक्रम देखा।
पीएम ने अपने भाषण में—
- पीएम फसल बीमा योजना,
- आधुनिक कृषि तकनीक,
- प्राकृतिक खेती,
- और किसान-केंद्रित नई नीतियों
की जानकारी साझा की और किसानों को भविष्य की कृषि चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया।
सम्मान समारोह बना आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण वह रहा जब जिले के चयनित किसानों को सम्मानित किया गया।
सम्मानित किसान—
- श्रीमती संगीता देवी – ग्राम दयालवाला
- श्री वेगराज सिंह – ग्राम बांकरनगंला
- श्री कुशलपाल – ग्राम मीरापुर खादर
- श्री नौबहार सिंह – ग्राम झलरी
- श्री अनिल कुमार – ग्राम औरंगपुर तारा
इन सभी को 21वीं किस्त प्राप्त होने पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान ने अन्य किसानों में भी उत्साह और प्रेरणा बढ़ाई।
किसान अर्थव्यवस्था को मिला बड़ा सहारा — एक विश्लेषण
पीएम-किसान योजना ने बिजनौर जैसे कृषि प्रधान जिले में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है।
- सीधे खाते में पैसा आने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई
- बीज, खाद, सिंचाई और कीटनाशक पर खर्च में राहत
- छोटे किसानों को समय पर पूंजी उपलब्ध
- योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुँचना सुनिश्चित
डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने किसानों में भरोसा भी मजबूत किया है कि सरकारी सहायता अब बिना देरी और बिना कटौती के सीधे उन्हें मिल रही है।
पीएम किसान की 21वीं किश्त जारी होने के साथ ही बिजनौर में एक बार फिर यह साबित हुआ कि योजनाओं का सही क्रियान्वयन ही किसानों की वास्तविक प्रगति का आधाकेर है। जिले के 3 लाख से अधिक किसानों तक पहुँचा 61 करोड़ रुपये आने वाले रबी सीजन को मजबूती देंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा भरेंगे।











