“लैंड बैंक विस्तार पर योगी सरकार की बड़ी पहल: एमएसएमई के लिए लागू होगा प्लग एंड प्ले मॉडल”
रेवेन्यू शेयरिंग आधारित लीज़ रेंटल नीति की तैयारी तेज, उद्योगों को मिलेगी बिना भूमि खरीद के तुरंत उत्पादन शुरू करने की सुविधा
लैंड बैंक विस्तार के लिए नया मॉडल: यूपी में औद्योगिक विकास को मिलेगा तेज़ ट्रैक
लखनऊ, 15 नवंबर:
उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा कदम बढ़ाया है। शनिवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने लैंड बैंक विस्तार, प्लग एंड प्ले मॉडल और रेवेन्यू शेयरिंग आधारित लीज़ रेंटल नीति को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इस नीति का मुख्य लाभ राज्य के लाखों एमएसएमई उद्यमियों को मिलेगा, जो भूमि खरीद और निर्माण की जटिलताओं से मुक्त होकर सीधे उत्पादन पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
क्या है सरकार का नया औद्योगिक मॉडल?
🟦 1. प्लग एंड प्ले मॉडल – उद्योग लगे और तुरंत चल पड़े
- औद्योगिक विकास प्राधिकरण भूमि का स्वामित्व अपने पास रखेंगे।
- उसी भूमि पर तैयार औद्योगिक शेड बनाकर उद्यमियों को किराये पर दिए जाएंगे।
- उद्यमी बिना निर्माण कार्य, बिना कागज़ी जटिलताओं के सीधे मशीनें लगाकर उत्पादन शुरू कर सकेंगे।
🟦 2. पीपीपी पर आधारित डीबीएफओटी संरचना
- निजी क्षेत्र डिज़ाइन, निर्माण, वित्त और संचालन की जिम्मेदारी लेगा।
- भूमि और नियामकीय अधिकार राज्य के पास ही रहेंगे।
- यह मॉडल उद्योगों के लिए पूंजीगत बोझ को कम करेगा।
🟦 3. रेवेन्यू शेयरिंग आधारित लीज़ रेंटल नीति
- उद्योगों को दीर्घकालिक किराये पर तैयार परिसर।
- प्राधिकरण को स्थायी राजस्व।
- उद्यमियों को विस्तार का अवसर बिना बड़ी पूंजी फंसाए।
क्यों जरूरी है यह कदम? – पृष्ठभूमि और चुनौतियां
🔶 बढ़ती भूमि दरें, खासकर एनसीआर में
प्रदेश में औद्योगिक भूमि की दरें लगातार बढ़ रही हैं।
एनसीआर से जुड़े जिलों में उद्योग लगाने की लागत और कठिनाई सबसे अधिक महसूस होती है।
🔶 एमएसएमई की सबसे बड़ी परेशानी – ‘लैंड कॉस्ट’ और ‘कंस्ट्रक्शन टाइम’
- छोटे और मध्यम उद्योगों को भूमि खरीदने में भारी धनराशि लगानी पड़ती है।
- निर्माण में महीनों का समय और कई मंजूरियों की जरूरत होती है।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि भूमि ही आज नई इकाइयों की स्थापना की सबसे बड़ी बाधा है, इसलिए उसे प्रक्रिया से अलग कर देना चाहिए।
सरकार का विज़न: उद्योग फोकस रखें उत्पादन पर, न कि जमीन पर
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नए मॉडल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि:
- उद्यमी भूमि खरीद जैसे भारी निवेश से बचें।
- निर्माण कार्य और बहु-स्तरीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया समाप्त हो।
- उद्योग तुरंत उत्पादन शुरू कर सकें और रोज़गार तेजी से पैदा हो।
- उद्योग अपनी जरूरतों के अनुसार चरणबद्ध विस्तार कर सकें।
यह मॉडल एमएसएमई के वित्तीय जोखिम को बेहद कम कर देगा और उन्हें अधिक लचीलापन प्रदान करेगा।
पॉलिसी विज़न – क्या होगा इसमें खास?
🔹 दीर्घकालिक स्थिरता और नियामकीय स्पष्टता
नीति ऐसी होगी कि उद्यमी 20–30 वर्षों तक सुरक्षित रूप से संचालन कर सकें।
🔹 पारदर्शी रेवेन्यू शेयरिंग
प्राधिकरण और उद्यमी दोनों के लिए फायदेमंद, सरल व स्पष्ट व्यवस्था।
🔹 भूमि राज्य के नियंत्रण में
राज्य अपनी भूमि संपदा को सुरक्षित रखते हुए उसका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करेगा।
उद्योग जगत के लिए गेम चेंजर कदम
- प्लग एंड प्ले मॉडल प्रदेश को सिंगल-विंडो इंट्री वाले औद्योगिक हब के रूप में उभारेगा।
- एमएसएमई की पूंजी संरचना में सुधार होगा, जिससे निवेश आकर्षित होगा।
- रोजगार सृजन में तेजी आएगी।
- प्रदेश के लैंड बैंक की उपयोगिता और आय दोनों बढ़ेंगी।
- एनसीआर के जिलों में भूमि लागत की समस्या काफी हद तक कम हो सकेगी।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा निर्देशित रेवेन्यू शेयरिंग आधारित लीज़ रेंटल नीति और प्लग एंड प्ले मॉडल उत्तर प्रदेश को औद्योगिक विकास में नई ऊंचाई देने वाला है। यह मॉडल खासकर एमएसएमई सेक्टर के लिए एक साहसिक, व्यावहारिक और भविष्य उन्मुख समाधान साबित होगा।
प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र पर यह नीति एक बड़ा बदलाव ला सकती है।












