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राजा फूड इंडस्ट्रीज पर छापा: एक्सपायरी सामान से बन रही थी टॉफी और मिठाई?

राजा फूड इंडस्ट्रीज पर छापा: एक्सपायरी सामान से बन रही थी टॉफी और मिठाई?

चार जिलों की संयुक्त टीमों की बड़ी कार्रवाई — फैक्ट्री में घंटों चली जांच, गंदगी और संदिग्ध स्टॉक बरामद

📍 रिपोर्ट: target tv live ब्यूरो | बिजनौर से एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

 घटना का पूरा विवरण

बिजनौर जनपद के किरतपुर थाना क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब खाद्य आयुक्त कार्यालय की टीम ने पुलिस और तहसील प्रशासन के साथ मिलकर राजा फूड इंडस्ट्रीज पर छापा मारा।
यह कार्रवाई शासन स्तर से गठित मेरठ और मुरादाबाद मंडल की संयुक्त टीमों द्वारा की गई।

सूत्रों के मुताबिक, फैक्ट्री में एक्सपायरी और खराब सामान को रिसाइकल कर मिठाइयाँ और टॉफियां तैयार की जा रही थीं, जिससे खाद्य सुरक्षा अधिनियम का घोर उल्लंघन सामने आया है।

फैक्ट्री में क्या मिला?

टीम के पहुंचते ही फैक्ट्री में अफरातफरी मच गई।
जांच के दौरान फैक्ट्री के अंदर से कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

👉 जांच टीम ने पाया—

  • फैक्ट्री परिसर में गंदगी और अव्यवस्था का आलम था।
  • पुराने और एक्सपायरी उत्पादों को दोबारा प्रोसेस कर नए पैक में तैयार किया जा रहा था।
  • टॉफी, बतिसा, लॉलीपॉप, सोनपापड़ी, लड्डू आदि के सैंपल मौके पर लिए गए।
  • कच्चे माल और पैकिंग सामग्री की भी जांच की गई।
  • फैक्ट्री में रखे गए नष्ट (डिस्ट्रॉय) सामान का भी विवरण तैयार किया गया।

कौन-कौन अधिकारी रहे मौजूद

यह कार्रवाई कई विभागों की संयुक्त टीमों की मौजूदगी में की गई —

  • खाद्य आयुक्त कार्यालय की निरीक्षण टीम
  • उपजिलाधिकारी (नजीबाबाद)
  • पुलिस क्षेत्राधिकारी (नजीबाबाद)
  • खाद्य सुरक्षा अधिकारी
  • किरतपुर थाना पुलिस बल

इन अधिकारियों ने घंटों तक फैक्ट्री परिसर में मौजूद सभी रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, मशीनरी और दस्तावेजों की जांच की।

सैंपलिंग और आगे की प्रक्रिया

  • फैक्ट्री में निर्मित उत्पादों के कई सैंपल भरे गए
  • सैंपल को सरकारी प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजा गया है।
  • रिपोर्ट आने के बाद तय होगा कि फैक्ट्री के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी।
  • लाइसेंस निलंबन, जुर्माना या एफआईआर जैसी सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

टीम का बयान

टीम के एक अधिकारी ने बताया —

“प्रारंभिक जांच में फैक्ट्री में एक्सपायरी या खराब पदार्थों के पुनः उपयोग के संकेत मिले हैं। यदि रिपोर्ट में यह सत्य पाया गया, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”

कानूनी पहलू और संभावित सजा

यदि फैक्ट्री पर लगे आरोप सही साबित होते हैं, तो—

  • खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2006 की धारा 59 के तहत जुर्माना या कारावास का प्रावधान है।
  • फैक्ट्री का लाइसेंस रद्द या स्थायी निलंबन भी किया जा सकता है।
  • दोषी पाए जाने पर कंपनी के निदेशकों और जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज होगी।

शासन का रुख

प्रदेश सरकार ने हाल ही में मिलावट और मानकहीन खाद्य उत्पादों पर नकेल कसने के लिए राज्यव्यापी अभियान शुरू किया है।
इस छापेमारी को उसी मुहिम का हिस्सा माना जा रहा है।
खाद्य आयुक्त कार्यालय ने कहा है कि “स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य उत्पाद” के प्रति सरकार शून्य सहनशीलता नीति पर काम कर रही है।

उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी

खाद्य विभाग ने आम जनता से अपील की है —

  • किसी भी खाद्य उत्पाद को खरीदने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट, बैच नंबर और लाइसेंस नंबर अवश्य जांचें।
  • संदिग्ध उत्पाद दिखने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन या खाद्य विभाग को सूचित करें।
  • बच्चों के लिए खरीदी जाने वाली टॉफी या मिठाइयों की क्वालिटी पर विशेष ध्यान दें।

मौके से तस्वीरें और दृश्य (सूत्रों के अनुसार)

  • फैक्ट्री परिसर में कच्चा माल और तैयार उत्पाद एक साथ रखे हुए मिले।
  • कर्मचारी छापे की सूचना मिलते ही स्टॉक छिपाने की कोशिश करते दिखे।
  • पुलिस ने मौके पर फैक्ट्री परिसर को घेरकर जांच पूरी की।

मुख्य बिंदु एक नजर में

क्रमांक विवरण जानकारी
1️⃣ स्थान किरतपुर थाना क्षेत्र, बिजनौर
2️⃣ फैक्ट्री राजा फूड इंडस्ट्रीज
3️⃣ कार्रवाई की तिथि गुरुवार
4️⃣ जांच एजेंसी खाद्य आयुक्त कार्यालय, मेरठ-मुरादाबाद मंडल
5️⃣ प्रमुख अधिकारी SDM नजीबाबाद, CO नजीबाबाद
6️⃣ मुख्य सैंपल टॉफी, बतिसा, लॉलीपॉप, लड्डू, सोनपापड़ी
7️⃣ मुख्य आरोप एक्सपायरी सामान का पुनः उपयोग
8️⃣ आगे की कार्रवाई सैंपल रिपोर्ट पर निर्भर

निष्कर्ष

राजा फूड इंडस्ट्रीज पर हुई यह छापेमारी जनपद बिजनौर में खाद्य सुरक्षा को लेकर शासन की गंभीरता का संकेत है।
अब सभी की निगाहें प्रयोगशाला रिपोर्ट और शासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला प्रदेशभर में मिलावटखोर उद्योगों के खिलाफ एक मिसाल बन सकता है।

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