बिजनौर से लापरवाही की बड़ी खबर
हल्दौर ब्लॉक के कम्पोजिट स्कूल नवादा में छुट्टी के बाद क्लासरूम में बंद रह गया मासूम
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ग्रामीणों और पुलिस की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
मामला क्या है?
बिजनौर जिले के हल्दौर ब्लॉक के कम्पोजिट स्कूल नवादा में गुरुवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जानकारी के अनुसार, स्कूल का एक बच्चा छुट्टी के बाद क्लासरूम के अंदर ही बंद रह गया। शिक्षक लापरवाही दिखाते हुए स्कूल का ताला लगाकर घर चले गए।
ग्रामीणों ने बचाई जान
- जब गांव वालों को बच्चे के अंदर बंद होने की खबर लगी तो अफरा-तफरी मच गई।
- आनन-फानन में ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी।
- पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला।
- गनीमत रही कि समय रहते यह गलती पकड़ी गई, वरना बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
लापरवाही पर उठे सवाल
- स्कूल प्रशासन की लापरवाही: शिक्षक बिना यह जांचे कि सभी बच्चे बाहर निकल चुके हैं या नहीं, ताला लगाकर चले गए।
- सुरक्षा प्रोटोकॉल का अभाव: विद्यालय में छुट्टी के बाद बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की कोई प्रक्रिया नहीं दिखी।
- जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न: आखिर जिम्मेदारी किसकी है—प्रधानाध्यापक, शिक्षक या शिक्षा विभाग?
अभिभावकों में गुस्सा
इस घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- ग्रामीणों की मांग है कि जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
- शिक्षा विभाग से भी कड़ी निगरानी रखने की अपील की गई है।
शिक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान
यह घटना प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की खामियों की ओर इशारा करती है।
- क्या बच्चों की सुरक्षा सिर्फ कागजों तक सीमित है?
- क्या स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस सिस्टम मौजूद है?
- क्या विभागीय जांच इस तरह की घटनाओं को रोक पाएगी या यह केवल औपचारिकता रह जाएगी?
निष्कर्ष
बिजनौर की यह घटना एक बड़ी चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल प्रशासन को और जिम्मेदारी से काम करना होगा। वरना एक छोटी सी लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
👉 सवाल अब यही है कि क्या इस घटना के बाद शिक्षा विभाग कठोर कदम उठाएगा, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?











