रालोद ने सड़क से जोड़ा विकास का एजेंडा
अहरौला की पंचायत में गूंजी चांदपुर-बास्टा मार्ग निर्माण की मांग, सांसद बोले- धनराशि मंजूर
चांदपुर (बिजनौर)।
राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) का सदस्यता अभियान रविवार को चांदपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम अहरौला पहुंचा तो ग्रामीणों ने सबसे पहले अपनी सबसे बड़ी समस्या सामने रख दी—चांदपुर से बास्टा तक की जर्जर सड़क। टूटी-फूटी सड़क से परेशान ग्रामीणों ने सांसद से सीधे सवाल किया और विकास का ठोस वादा मांगा।
बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह आचार्य ने की, जबकि मुख्य अतिथि रालोद सांसद चंदन चौहान रहे। चौहान ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि “शासन से सड़क निर्माण के लिए धनराशि मंजूर हो चुकी है। अब बहुत जल्द चांदपुर-बास्टा मार्ग का कायाकल्प होगा। अच्छी सड़कें क्षेत्र के विकास की पहचान होती हैं।”
जयंत सिंह की नीतियों पर चर्चा, युवाओं को साधने की रणनीति
सांसद ने इस दौरान पार्टी मुखिया और केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह के नेतृत्व की तारीफ करते हुए बताया कि वे युवाओं के लिए रोज़गार और कौशल विकास को लेकर लगातार काम कर रहे हैं। चौहान ने कार्यकर्ताओं से युवाओं को रालोद से जोड़ने की अपील की।
वहीं रुहेलखंड क्षेत्र अध्यक्ष रामवीर सिंह ने कहा कि रालोद का आधार किसानों और मजदूरों की ताकत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की नीतियों का प्रचार-प्रसार ही पार्टी की असली पूंजी है।”
उन्होंने आगामी 12 अक्टूबर को अमरोहा में होने वाली चौधरी जयंत सिंह की रैली में भारी संख्या में पहुंचने का आह्वान किया।
किसान-मजदूर ही रालोद की ताकत
पूर्व विधायक चौधरी सुखबीर सिंह ने किसानों की पीड़ा को केंद्र में रखते हुए कहा कि अगर रालोद मजबूत हुआ तो किसानों की आवाज़ भी सत्ता के गलियारों में गूंजेगी। उन्होंने किसानों, मजदूरों और गरीब तबकों को पार्टी से जोड़ने पर विशेष बल दिया।
पूर्व जिला अध्यक्ष महावीर सिंह ढाका ने साफ कहा कि पार्टी को अब युवाओं, अल्पसंख्यकों, दलितों और मजदूरों तक और गहराई से पहुंचना होगा।
कार्यकर्ताओं ने रखे विचार
बैठक में ब्लॉक प्रमुख पति चौधरी धर्मपाल सिंह, चौधरी हरवीर सिंह चौधरी, सुशील कुमार, युवा प्रकोष्ठ महासचिव शिवम राणा, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ अध्यक्ष इरफानुद्दीन, प्रधान लव कुमार समेत मुकेश सिंह, पृथ्वी सिंह, शैलेंद्र उर्फ बब्बू, आनंद सिंह, सत्येंद्र सिंह, विकास कुमार, रणधीर सिंह आदि ने अपने विचार रखे। संचालन चौधरी विनय कुमार ने किया।
विश्लेषण: सड़क से संगठन तक की राजनीति
अहरौला की इस बैठक से यह साफ हो गया कि रालोद अब सदस्यता अभियान के बहाने संगठन को गांव-गांव तक मज़बूत करने में जुट गया है।
- सड़क निर्माण का वादा विकास की राजनीति को धार देता है।
- जयंत सिंह की रैली की तैयारी आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधने की कवायद है।
- किसान-मजदूर और युवाओं को जोड़ने की रणनीति रालोद के पारंपरिक वोट बैंक के साथ नए वर्गों को भी जोड़ने का संकेत देती है।
ग्रामीण इलाकों की टूटी सड़कों से उठी यह मांग केवल बुनियादी समस्या नहीं, बल्कि राजनीति की नई ज़मीन भी है। रालोद इस मुद्दे को भुनाने में कोई चूक नहीं करना चाहता।अहरौला की बैठक ने यह साबित कर दिया कि रालोद ने विकास और किसान-मजदूर हित को एक साथ जोड़कर राजनीतिक संदेश देने की रणनीति अपना ली है। सड़क का निर्माण तो होगा ही, लेकिन उससे भी बड़ा मकसद संगठन और जनाधार को मजबूत करना है।











