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मुख्यमंत्री ने विकास की धुरी बताए जनप्रतिनिधि, कहा—“धनराशि की कमी नहीं होने दी जाएगी”

ग्राम प्रधानों से वर्चुअल संवाद

मुख्यमंत्री ने विकास की धुरी बताए जनप्रतिनिधि, कहा—“धनराशि की कमी नहीं होने दी जाएगी”

बिजनौर, 26 सितंबर।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों से वर्चुअल संवाद स्थापित करते हुए उन्हें ग्रामीण विकास की रीढ़ की हड्डी करार दिया। अपराह्न 3:30 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से 58,176 ग्राम प्रधान जुड़े।

मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रधानों से अपील की कि वे स्वयं और ग्रामीण बंधुओं के साथ मिलकर “समर्थ उत्तर प्रदेश, विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान” को जन आंदोलन का स्वरूप दें और सरकार द्वारा जारी QR कोड पर फीडबैक अवश्य दें।

ग्राम प्रधानों की भूमिका पर बल

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शासन की सभी योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन में ग्राम प्रधानों की केंद्रीय भूमिका होती है। उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि ग्रामीण विकास कार्यों में धनराशि की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

“ग्राम प्रधानों को चाहिए कि वे अपने क्षेत्र को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएं। उत्तर प्रदेश के विकास में गांवों की मजबूती ही निर्णायक सिद्ध होगी।”
— योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री

बिजनौर में वर्चुअल कार्यक्रम का संचालन

कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी कक्ष से इस वर्चुअल संवाद का सीधा प्रसारण हुआ, जिसमें जिलाधिकारी जसजीत कौर और अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह मौजूद रहे।

विश्लेषण : ग्रामीण विकास की नई दिशा

  • मुख्यमंत्री का यह संवाद कार्यक्रम ग्राम प्रधानों को सीधे निर्णय प्रक्रिया से जोड़ने का प्रयास है।
  • QR कोड आधारित फीडबैक प्रणाली डिजिटल भागीदारी को बढ़ावा देगी।
  • ग्रामीण प्रतिनिधियों को धन की कमी न होने देने का आश्वासन, विकास योजनाओं की गति को तेज कर सकता है।
  • 2047 तक विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य, ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने के राष्ट्रीय संकल्प से जुड़ता है।

मुख्यमंत्री का यह संदेश स्पष्ट है कि गांवों के बिना ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की परिकल्पना अधूरी है। ग्राम प्रधानों को केवल प्रतिनिधि नहीं, बल्कि विकास के संचालक की भूमिका निभानी होगी।

 

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