📚 बिजनौर में डिजिटल ज्ञान क्रांति: हर निकाय में बनेगी लाइब्रेरी, छात्र-छात्राओं और आमजन को मिलेगा आधुनिक पठन-पाठन का अवसर
✍️ अवनीश त्यागी द्वारा विशेष रिपोर्ट
बिजनौर, 29 अगस्त 2025 –
जिलाधिकारी जसजीत कौर के निर्देशों पर जनपद बिजनौर में पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नगर निकाय स्तर पर डिजिटल पुस्तकालयों की एक नई श्रृंखला तेजी से आकार ले रही है। उद्देश्य स्पष्ट है – छात्र-छात्राओं और आमजन को ज्ञान, तकनीक और इतिहास से जोड़कर एक सशक्त और पढ़ा-लिखा समाज तैयार करना।

हाइलाइट्स
- बिजनौर जिले में 09 स्थायी व 07 अस्थायी पुस्तकालय संचालित।
- नगर पालिका परिषद बिजनौर (1925 से दुष्यंत कुमार पुस्तकालय) और नजीबाबाद (1916 से सरस्वती पुस्तकालय) जिले की धरोहर।
- सभी पुस्तकालयों में उपलब्ध – फर्नीचर, पेयजल, CCTV, वाई-फाई, समाचार पत्र, प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें, साहित्य, धार्मिक व ऐतिहासिक ग्रंथ।
- स्योहारा और सहसपुर में नए डिजिटल पुस्तकालय मई 2025 से शुरू, हल्दौर और जलालाबाद में कार्य अंतिम चरण में।
- मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के अंतर्गत सितंबर 2025 तक शेरकोट, अफजलगढ़, नूरपुर, झालू और साहनपुर में डिजिटल पुस्तकालय शुरू होंगे।
- वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिजनौर, नहटौर, किरतपुर, चांदपुर और बढ़ापुर में भी लाइब्रेरी निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया।
- नजीबाबाद के सरस्वती पुस्तकालय में मौजूद दुर्लभ पांडुलिपियों को संरक्षित करने हेतु रजा लाइब्रेरी, रामपुर से सहयोग लिया जा रहा।
- बड़े नगर निकायों में वार्डवार क्लस्टर आधारित पुस्तकालय स्थापित होंगे, ताकि हर नागरिक के लिए सुविधा पास उपलब्ध हो।
डिजिटल पुस्तकालयों की नई परिकल्पना
जिला प्रशासन का मानना है कि ज्ञान केवल किताबों में सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि तकनीक के माध्यम से सबके लिए सुलभ होना चाहिए। इसी सोच के तहत डिजिटल पुस्तकालयों को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यहां न केवल पारंपरिक किताबें मिलेंगी, बल्कि डिजिटल कंटेंट, प्रतियोगी परीक्षा सामग्री और वाई-फाई सुविधा भी होगी।
100 साल पुराने धरोहर पुस्तकालय
- दुष्यंत कुमार पुस्तकालय, बिजनौर (1925)
- सरस्वती पुस्तकालय, नजीबाबाद (1916)
ये दोनों पुस्तकालय जिले की ज्ञान-संस्कृति की नींव हैं। खास बात यह है कि नजीबाबाद के सरस्वती पुस्तकालय में अब भी प्राचीन पांडुलिपियां और धार्मिक ग्रंथ संरक्षित हैं। जिलाधिकारी ने इन्हें सुरक्षित रखने के लिए विशेष कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
भविष्य की योजना
- सितंबर 2025 तक पांच और निकायों में डिजिटल पुस्तकालय तैयार।
- 2025-26 की योजना के बाद बिजनौर का हर नगरीय क्षेत्र डिजिटल लाइब्रेरी से कवर हो जाएगा।
- छात्रों के लिए क्लस्टर लाइब्रेरी मॉडल – जिससे हर वार्ड या मोहल्ले तक ज्ञान की पहुंच।
बिजनौर में प्रशासन की यह पहल न सिर्फ पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को आसान बनाएगी, बल्कि लोगों को इतिहास, साहित्य और आधुनिक तकनीक से भी जोड़ेगी। यह कहना गलत नहीं होगा कि बिजनौर डिजिटल ज्ञान क्रांति की ओर कदम बढ़ा चुका है।











