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कृषि विभाग के कर्मचारियों ने किया डिजिटल क्रॉप सर्वे का बहिष्कार, डीएम को ज्ञापन सौंपा

     बिजनौर में ई-खसरा पड़ताल का विवाद गहराया

कृषि विभाग के कर्मचारियों ने किया डिजिटल क्रॉप सर्वे का बहिष्कार, डीएम को ज्ञापन सौंपा

बिजनौर, 25 अगस्त 2025।
जनपद बिजनौर में खरीफ मौसम 2025 के अंतर्गत शुरू किए जा रहे डिजिटल क्रॉप सर्वे को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह सर्वे कार्य, जो मूल रूप से राजस्व विभाग की जिम्मेदारी है, उसमें लेखपालों को मुक्त कर दिया गया है और अब यह काम कृषि विभाग के कर्मचारियों को सौंप दिया गया है। इस निर्णय से नाराज़ होकर अधीनस्थ कृषि सेवा संघ ने इस कार्य का पूर्ण बहिष्कार कर दिया है।

 विवाद की पृष्ठभूमि

दरअसल, 16 अगस्त 2025 से जिले में ई-खसरा पड़ताल के अंतर्गत खरीफ मौसम की फसलों का डिजिटल सर्वे शुरू किया जाना था। आमतौर पर इस कार्य को राजस्व विभाग के लेखपाल ही अंजाम देते हैं, लेकिन इस बार लेखपालों को इससे मुक्त कर दिया गया और कृषि विभाग पर यह जिम्मेदारी डाल दी गई।
अधीनस्थ कृषि सेवा संघ का कहना है कि यह कार्य कृषि विभाग का न होकर राजस्व विभाग का है, और इसे कृषि कर्मचारियों पर थोपना नाइंसाफी है।

 कर्मचारियों का विरोध

संघ ने पहले ही इस विषय पर जिला अधिकारी व उपकृषि निदेशक को लिखित रूप से सूचित कर दिया था कि कृषि कर्मचारी इस कार्य का बहिष्कार करेंगे। बावजूद इसके, विभागीय अधिकारी लगातार कर्मचारियों पर दबाव बना रहे हैं।
कर्मचारियों का आरोप है कि इस दबाव की वजह से वे मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं।

 ज्ञापन सौंपकर जताया विरोध

विरोध को मजबूत करने के लिए सोमवार को जिलेभर के कृषि विभाग के कर्मचारी एकजुट हुए और अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रेषित किया गया है।

ज्ञापन में साफ कहा गया है कि कृषि विभाग का मूल कार्य किसानों को तकनीकी सहयोग देना है, न कि राजस्व विभाग का काम करना। यदि सरकार इस निर्णय पर अड़ी रही तो कर्मचारी आंदोलन को और तेज करेंगे।

 पदाधिकारी व संगठन की मौजूदगी

ज्ञापन सौंपने के मौके पर अधीनस्थ कृषि सेवा संघ की ओर से अध्यक्ष लखबीर सिंह, मंत्री रामप्रसाद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. विकास कुमार, संगठन मंत्री मस्सबर अली, कोषाध्यक्ष कपिल कुमार मौजूद रहे।
इसके साथ ही राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी कृषि कर्मचारियों का समर्थन किया। परिषद की ओर से जिला संरक्षक देशराज सिंह, जिला अध्यक्ष धीरज सिंह, मंत्री क्रांति कुमार शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शूरवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

सूत्रों के मुताबिक ज्ञापन कार्यक्रम में आदित्य कुमार गौतम, रुस्तम कुमार, शमशाद, राहुल कुमार, निशांत कुमार, दीपक कुमार, उमरदीन, सुनील कुमार, अनुज कुमार, प्रदीप कुमार, सतीश कुमार, सत्येंद्र कुमार, अमित कुमार, धर्मेंद्र कुमार, महेश कुमार, दलसिंह, देव कुमार, सुजीत कुमार, अमोल तोमर, हरेंद्र कुमार, डॉ. सतनाम सिंह नगर, आशीष तंवर, जॉनी कुमार, रितेश कुमार समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।

 कर्मचारियों की चेतावनी

कर्मचारियों ने दो टूक कहा है कि यदि कृषि विभाग पर यह अन्यायपूर्ण जिम्मेदारी थोपने का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में वे राज्यव्यापी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
उनका कहना है कि विभागीय अधिकारी सरकार के आदेशों का हवाला देकर कृषि कर्मचारियों पर दबाव बना रहे हैं, जबकि यह कार्य उनकी जिम्मेदारी में आता ही नहीं है।

ई-खसरा पड़ताल को लेकर उठा यह विवाद अब सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस मामले में क्या रुख अपनाती है — क्या वह राजस्व विभाग को ही यह जिम्मेदारी वापस सौंपेगी या फिर कृषि विभाग को ही इसके लिए बाध्य करेगी। फिलहाल, कर्मचारियों के इस बहिष्कार ने जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रक्रिया को ठप कर दिया है

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