फिर सक्रिय हुआ मानसून: 30 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वी और तराई इलाके के जिलों में मौसम विभाग का येलो अलर्ट, 26 अगस्त से घटेगी बारिश की रफ्तार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मानसून ने जोर पकड़ लिया है। बीते तीन दिनों से प्रदेश के दक्षिणी और तराई इलाकों में कहीं मध्यम तो कहीं भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने सोमवार (25 अगस्त) को प्रदेश के पूर्वी और तराई के 30 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 26 अगस्त से अगले चार–पांच दिनों तक बारिश में कमी आने की संभावना जताई गई है।
सबसे ज्यादा भीगे दक्षिणी जिले
रविवार को बारिश का सबसे ज्यादा असर सोनभद्र जिले में दिखा, जहां 130 मिमी बारिश दर्ज की गई।
- मिर्जापुर – 105 मिमी
- भदोही – 98 मिमी
- प्रयागराज – 72 मिमी
भारी बारिश से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। किसानों के लिए यह बारिश जहां फसलों को सहारा देने वाली साबित हो सकती है, वहीं निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट?
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार को यूपी के पूर्वी और तराई इलाके के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश के संकेत हैं।
येलो अलर्ट वाले जिले:
गाजीपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर।
कब तक बरसेंगे बादल?
- 25 अगस्त – पूर्वी और तराई जिलों में भारी बारिश की संभावना।
- 26 अगस्त से 30 अगस्त – बारिश की तीव्रता में कमी, कई जिलों में हल्की बारिश।
मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जाएगी और हवा में नमी बढ़ेगी।
सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। साथ ही किसानों को भी बारिश के दौरान खेतों में सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
निष्कर्ष: मानसून की वापसी ने एक ओर किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है, वहीं दूसरी ओर बाढ़ और जलभराव की आशंका से जनजीवन प्रभावित होने की संभावना भी बनी हुई है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए इन 30 जिलों के लोगों को खास सतर्क रहने की जरूरत है।











