बिजनौर में भू-माफिया पर शिकंजा!
दलितों को धमकाने वाले गिरोह पर अब GST छापे, फर्जी कारोबार, टैक्स चोरी और ज़मीन कब्ज़े का नेटवर्क उजागर!

बिजनौर, 31 जुलाई 2025
✍️ Target TV Live विशेष रिपोर्ट
बड़ी कार्रवाई, बड़े खुलासे
जनपद बिजनौर में प्रशासन ने भूमि विवाद और जातीय उत्पीड़न के बाद अब वित्तीय अनियमितताओं पर भी करारा प्रहार किया है। जनता दर्शन में मिली शिकायत के आधार पर जिलाधिकारी के निर्देश पर GST विभाग की टीम ने गंज रोड स्थित दो फर्मों पर छापेमारी की।
इन फर्मों के संचालक वही लोग हैं जिनके खिलाफ सदुपुरा गाँव में दलितों को धमकाने, रास्ता रोकने और कब्रिस्तान व तालाब की जमीन पर कब्ज़ा करने के आरोप पहले ही लगाए जा चुके हैं।
कौन-कौन फँसे शिकंजे में?
- आरोपी: खालिद, तालिब, आबिद (पुत्रगण ताहिर) — वही नाम जो सदुपुरा विवाद में भी प्रमुख भूमिका में हैं
- फर्मों के नाम:
- नेशनल वुड प्रोडक्ट्स (पंजीकरण पूर्व में रद्द, फिर भी संचालित होने का शक)
- सुपर बोर्ड इंडस्ट्रीज (निर्माण कार्य बंद, फिर भी बिक्री चालू — स्टॉक असंगत)
क्या मिला जांच में?
🔸 नेशनल वुड प्रोडक्ट्स — पूरी तरह बंद मिली, लेकिन पहले से पंजीकरण रद्द होने के बावजूद गतिविधियों का संदेह।
🔸 सुपर बोर्ड इंडस्ट्रीज — निर्माण बंद, फिर भी स्टॉक मिला और बिक्री चालू; स्टॉक मिलान पर दस्तावेज़ अनुपस्थित।
🔸 प्रथम दृष्टया मामला GST नियमों का उल्लंघन और कर चोरी का संकेत देता है।
अगला कदम: विधिक कार्रवाई
उपायुक्त (विशेष अनुसंधान शाखा) राज्य कर के अनुसार, दस्तावेज़ों के आधार पर विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
छापेमारी टीम में शामिल थे:
- श्री पुष्पेश (उपायुक्त)
- श्रीमती प्रीति शर्मा (संयुक्त आयुक्त)
- श्री प्रवीण वर्मा (सहायक आयुक्त)
- श्री भूषण, श्री संदीप कुमार सिंह (राज्य कर अधिकारी)
- अन्य अधिकारीगण
कैसे जुड़ा है ये मामला सदुपुरा विवाद से?
यह वही गिरोह है जिनके खिलाफ सदुपुरा गाँव में दलित परिवारों ने आरोप लगाए थे कि वे:
- 200 साल पुराने संपर्क मार्ग को जबरन बंद कर रहे हैं
- ग्राम समाज की तालाब और कब्रिस्तान की जमीन पर कब्ज़ा कर चुके हैं
- विरोध करने पर जातिसूचक गालियाँ और तमंचे से धमकी दी गई
- पूरे मामले की वीडियो फुटेज पेनड्राइव में संलग्न कर जिलाधिकारी को सौंपा गया
अब आर्थिक अनियमितताओं की पुष्टि ने इन आरोपियों का चेहरा और उजागर कर दिया है।
Target TV Live की टिप्पणी:
“बिजनौर प्रशासन ने यह साफ संकेत दे दिया है कि चाहे मामला जातीय उत्पीड़न का हो या टैक्स चोरी का, कोई भी आरोपी बख्शा नहीं जाएगा। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन भूमि कब्जे और धमकी के मामलों में भी इतनी ही तेजी दिखाएगा?”
जनता के लिए संदेश
✅ यदि आपके पास भी कोई जानकारी है किसी फर्जी कारोबार या भूमि माफिया की,
✅ तो उसे छिपाएं नहीं — जनता दर्शन, पोर्टल या मीडिया के ज़रिए आवाज़ उठाएँ।
✅ प्रशासन जाग रहा है — बस सबूत और हिम्मत की ज़रूरत है!
आपकी राय क्या है?
क्या प्रशासन को अब सदुपुरा भूमि कब्जा प्रकरण में भी कार्रवाई करनी चाहिए?
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