विशेष रिपोर्ट |
ऊर्जा व्यवस्था पर सीएम योगी का बड़ा एक्शन मोड,ट्रिपिंग, ओवरबिलिंग और कटौती पर जीरो टॉलरेंस

लखनऊ, 25 जुलाई 2025 | रिपोर्ट: Target TV Live
मुख्य खबरें एक नजर में (News Highlights):
- “अब बहाने नहीं, व्यवस्था सुधारें” — सीएम योगी का बिजली विभाग को कड़ा संदेश
- 31,486 मेगावाट की रिकॉर्ड डिमांड पूरी, अब हर मौसम में निर्बाध आपूर्ति का लक्ष्य
- ट्रिपिंग, ओवरबिलिंग, और कटौती पर सीधी चेतावनी – “सहनीय नहीं”
- हर उपभोक्ता को सही समय पर सटीक बिल देने का निर्देश
- लाइन लॉस कम करने और स्मार्ट मीटरिंग का ब्लॉक स्तर तक विस्तार
- कृषि ट्यूबवेलों को सोलर से जोड़ने का रोडमैप तेज़
- घाटमपुर, खुर्जा, मेजा सहित प्रमुख बिजली परियोजनाओं से 16,000+ मेगावाट क्षमता लक्ष्य
बिजली अब सिर्फ सेवा नहीं, भरोसे का सवाल: मुख्यमंत्री योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में ज़ोरदार संदेश दिया — बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर ट्रिपिंग, ओवरबिलिंग या अनावश्यक कटौती की शिकायतें आईं, तो सीधी कार्रवाई तय है।
रियलिटी चेक से जवाबदेही तक
सीएम ने सभी डिस्कॉम एमडी से व्यक्तिगत फीडबैक लिया और हर ज़िले की आपूर्ति व्यवस्था का ब्योरा मांगा। स्पष्ट कहा गया — “सरकार के पास संसाधन और बजट की कोई कमी नहीं है, अब लापरवाही नहीं चलेगी।”
विश्लेषणात्मक बिंदु (Insightful Takeaways):
1. बिजली मांग और आपूर्ति का नया कीर्तिमान
- जून 2025 में 31,486 मेगावाट की रिकॉर्ड डिमांड सफलतापूर्वक पूरी की गई।
- 16,930 मिलियन यूनिट बिजली आपूर्ति — शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे, तहसील स्तर पर 21.5 घंटे और ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे औसत आपूर्ति।
2. फॉल्स बिलिंग = जनविश्वास में सेंध
- मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा — “गलत बिलिंग से जनता का भरोसा टूटता है।”
- स्मार्ट मीटरिंग को तेज करने के निर्देश — अब तक 31 लाख उपभोक्ता कवर, ब्लॉक स्तर तक विस्तार का लक्ष्य।
3. लाइन लॉस और ट्रांसफॉर्मर अपग्रेड
- प्रत्येक फीडर की तकनीकी जांच और सुधार के निर्देश।
- ओवरलोड ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाने का आदेश।
- तकनीकी और वाणिज्यिक हानियों को चरणबद्ध रूप से कम करने का टास्क फिक्स।
4. बिजली उत्पादन में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की तैयारी
- वर्तमान उत्पादन क्षमता: 11,595 मेगावाट
- आगामी परियोजनाएं: घाटमपुर, खुर्जा, पनकी, मेजा
- लक्ष्य: 16,000+ मेगावाट उत्पादन क्षमता अगले दो वर्षों में
5. कृषि क्षेत्र के लिए बड़ा विज़न
- कृषि फीडरों का तेज़ पृथक्करण
- प्रधानमंत्री कुसुम योजना से जोड़कर किसानों को सौर ऊर्जा आधारित ट्यूबवेल
- बिजली पर निर्भरता घटेगी, दीर्घकालिक राहत सुनिश्चित
क्या कहते हैं जानकार?
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह रवैया साफ दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश में अब बिजली व्यवस्था सिर्फ तकनीकी सेवा नहीं बल्कि गवर्नेंस की कसौटी बन चुकी है। यह निर्देश ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के बीच बिजली असमानता को पाटने में अहम साबित हो सकते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिजली व्यवस्था अब ‘नॉर्मल एडमिनिस्ट्रेशन’ नहीं बल्कि ‘मिशन मोड’ में चलेगी। चाहे उत्पादन हो, वितरण या बिलिंग — हर पहलू को पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना होगा।
आम जनता की आवाज़ बनें — क्या आपको अब भी ओवरबिलिंग या कटौती की समस्या है? हमें लिखें: 📩 targettv.live@gmail.com
रिपोर्ट: Target TV Live न्यूज़ डेस्क
तारीख: 25 जुलाई 202
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