पर्यावरण संरक्षण को लेकर एनजीटी सदस्य की महत्वपूर्ण बैठक, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्दे

बिजनौर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के प्रधान पीठ, नई दिल्ली के सदस्य एवं न्यायाधीन महोदय मा० श्री अफरोज अहमद की अध्यक्षता में आज महात्मा विदुर सभागार, कलेक्ट्रेट में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला पर्यावरण योजना, बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन, जल गुणवत्ता निगरानी, खनन गतिविधियों और पौधारोपण योजनाओं सहित विभिन्न पर्यावरणीय मुद्दों पर गहन चर्चा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी जसजीत कौर, पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा, मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी कौशलेन्द्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पर्यावरण संरक्षण पर विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान मा० अफरोज अहमद ने जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और अपेक्षा जताई कि इसी प्रकार प्रभावी कार्यों को आगे भी जारी रखा जाए, जिससे बिजनौर जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर हो। उन्होंने अधिकारियों को एनजीटी के आदेशों के प्रभावी अनुपालन के निर्देश दिए।
उन्होंने बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन को पूरी तरह सुनिश्चित करने के लिए निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी संस्थाओं को दिशा-निर्देश देने का निर्देश दिया। साथ ही, जल गुणवत्ता निगरानी के तहत गठित जिला स्तरीय कमेटी की प्रगति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
खनन और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण पर जोर
बैठक में माइनिंग एक्टिविटी प्रबंधन प्लान और नॉइस पॉल्यूशन मैनेजमेंट प्लान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्यों का उचित दस्तावेजीकरण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि खनन गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए सख्त नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए ताकि पर्यावरणीय संतुलन बना रहे।
पौधारोपण योजना की समीक्षा
आगामी पौधारोपण योजना की समीक्षा करते हुए मा० अफरोज अहमद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फलदार, फूलदार और रुद्राक्ष के वृक्षों को प्लान में शामिल कर अधिकाधिक वृक्षारोपण किया जाए। उन्होंने वन अधिकारियों को विभागीय योजनाओं और गतिविधियों से संबंधित जानकारी अधिकारियों के साथ साझा करने की भी सलाह दी।
सुनिश्चित होगा दिशा-निर्देशों का अनुपालन
बैठक के दौरान जिलाधिकारी जसजीत कौर ने न्यायाधीन महोदय को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा। बैठक के समापन पर मा० अफरोज अहमद को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत और अभिनंदन किया गया।
यह बैठक पर्यावरण संरक्षण के लिए जिला प्रशासन और अन्य विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। एनजीटी के निर्देशों का प्रभावी अनुपालन और विभिन्न योजनाओं के सुचारू कार्यान्वयन से जिले में पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान में सहायता मिलेगी।











