जिला स्तरीय समितियों की बैठक सम्पन्न: पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा पर विशेष जोर

बिजनौर। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति, जिला पर्यावरण समिति और मानव-वन्य जीव संघर्ष समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, गंगा स्वच्छता, प्रदूषण नियंत्रण और वन्यजीव संघर्ष निवारण जैसे अहम मुद्दों पर गहन समीक्षा और रणनीतिक चर्चाएं की गईं।
वृक्षारोपण अभियान: हरित भविष्य की ओर एक कदम
वृक्षारोपण वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा में यह पाया गया कि वृक्षारोपण की प्रगति को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। माइक्रोप्लान और गड्ढा खुदान की गति को बढ़ाने के निर्देश दिए गए। वन विभाग और अन्य संबंधित विभागों को उनके लक्ष्यों के अनुरूप वृक्षारोपण क्षेत्र का चयन कर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा गया।
गंगा संरक्षण: राष्ट्रीय धरोहर की रक्षा
जिला गंगा समिति की बैठक में गंगा बैराज घाट पर एक बड़ा तिरंगा लगाने का प्रस्ताव रखा गया, जिससे न केवल राष्ट्रीय गौरव की भावना जाग्रत होगी, बल्कि गंगा स्वच्छता अभियान को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, ग्राम आर्द्रभूमि समिति के गठन पर चर्चा हुई, जिससे स्थानीय स्तर पर जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सके।
पर्यावरण संरक्षण: प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में उठाए गए कदम
जिला पर्यावरण समिति ने सिंगल यूज प्लास्टिक के उन्मूलन, बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन, वाहन प्रदूषण नियंत्रण, जल और वायु प्रदूषण पर विस्तृत चर्चा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं और जनजागरूकता अभियानों को तेज किया जाए।
मानव-वन्य जीव संघर्ष निवारण: सुरक्षा और सह-अस्तित्व
गुलदार से बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को देखते हुए विभिन्न रोकथाम उपायों पर जोर दिया गया। जनजागरूकता बढ़ाने के लिए वाल पेंटिंग, फॉक्स लाइट का प्रयोग, मुखौटा वितरण, पेट्रोलिंग व रात्रि गश्त, ट्रैप कैमरा और बचाव प्रशिक्षण जैसे उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए।
समन्वय और कार्रवाई की आवश्यकता
बैठक में लिए गए निर्णयों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए गए। यह बैठक पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले वर्षों में ठोस परिणाम देखने को मिल सकते हैं। सरकार और प्रशासन के साथ-साथ आम जनता की भागीदारी भी इन योजनाओं की सफलता में अहम भूमिका निभाएगी।












