उत्तर प्रदेश विधानसभा का सत्र 18 फरवरी से होगा प्रारंभ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने आगामी विधानसभा सत्र की अधिसूचना जारी कर दी है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के आदेशानुसार, संविधान के अनुच्छेद 174(1) के तहत अधिकारों का प्रयोग करते हुए उत्तर प्रदेश विधान सभा का सत्र 18 फरवरी 2025 को आहूत किया गया है। यह सत्र विधान भवन, लखनऊ में पूर्वाह्न 11 बजे से प्रारंभ होगा।
राजनीतिक हलचल होगी तेज
विधानसभा का यह सत्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें विभिन्न नीतिगत मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। राज्य सरकार के लिए यह सत्र अहम रहेगा, जहां विपक्षी दल विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास कर सकते हैं।
संसदीय प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव
संविधान के तहत राज्यपाल को यह अधिकार प्राप्त है कि वे विधानसभा का सत्र आहूत करें। इस सत्र के दौरान विभिन्न विधेयक पारित किए जा सकते हैं, साथ ही प्रदेश सरकार अपने बजट एवं अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं को सदन में प्रस्तुत कर सकती है।
राजनीतिक दलों की तैयारियां शुरू
विधानसभा सत्र की घोषणा होते ही राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। सत्तारूढ़ दल अपनी उपलब्धियों को सदन में प्रस्तुत करेगा, जबकि विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाएगा।
संभावित मुद्दे
इस सत्र में राज्य के बजट, किसान कल्याण, बुनियादी ढांचे के विकास, कानून व्यवस्था और युवाओं के रोजगार से जुड़े विषयों पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा, नए विधेयकों को सदन में लाने की भी संभावना है।
18 फरवरी से शुरू होने वाला उत्तर प्रदेश विधानसभा का सत्र प्रदेश की राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। इसमें जहां सरकार अपनी नीतियों और उपलब्धियों को सदन के पटल पर रखेगी, वहीं विपक्ष अपनी भूमिका निभाते हुए सरकार को जवाबदेह बनाने का प्रयास करेगा। ऐसे में आगामी दिनों में प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ने की पूरी संभावना है।












