बांदा: अमृत तालाब के सुंदरीकरण में भ्रष्टाचार के आरोप, मोहल्ले वासियों ने की जांच की मांग

बांदा। नगर पालिका परिषद क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक छाबी तालाब के सुंदरीकरण कार्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अमृत 2.0 योजना के तहत हो रहे इस कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है, और सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
छाबी तालाब के सुंदरीकरण का ठेका सी.एंड डी.एस. यूनिट 48 बांदा को दिया गया था, जिसकी लागत ₹284.25 लाख आंकी गई। इस कार्य को आगे राम कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा गया, लेकिन स्थानीय निवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है।
मोहल्ले वासियों का आरोप
मोहल्ले के लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है, जिससे यह योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। स्थानीय लोगों ने जेई (कनीय अभियंता) और ठेकेदार पर मिलीभगत का आरोप लगाया है और कहा है कि सरकारी धन का बंटवारा किया जा रहा है।
जिलाधिकारी से जांच की मांग
मोहल्ले के लोगों ने बांदा जिलाधिकारी जे. रिभा से अपील की है कि वह छाबी तालाब के निर्माण कार्य का निरीक्षण करें और इसमें हो रही अनियमितताओं की जांच कराएं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह ऐतिहासिक तालाब सही तरीके से संरक्षित नहीं हो सकेगा।
प्रशासन का रुख
अब देखना होगा कि जिलाधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या संबंधित विभाग इस परियोजना में पारदर्शिता सुनिश्चित कर पाएगा या नहीं।












