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बिजनौर में एंबुलेंस से 105 किलो पटाखे बरामद, चार गिरफ्तार

बिजनौर में एंबुलेंस से 105 किलो पटाखे बरामद, चार गिरफ्तार; मंडावर चौराहे पर चेकिंग के दौरान कार्रवाई

पुलिस ने नौ पेटियों में रखे रॉकेट, अनार, फूलझड़ी और सुतली बम किए बरामद; पटाखों की खरीद और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी

बिजनौर | Target TV Live | अवनीश त्यागी

बिजनौर में पुलिस चेकिंग के दौरान एंबुलेंस से करीब 105 किलो पटाखे बरामद होने का मामला सामने आया है। मंडावर चौराहे पर सोमवार शाम हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एंबुलेंस की तलाशी लेकर नौ पेटियों में रखे विभिन्न प्रकार के पटाखे बरामद किए। इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पटाखे बिजनौर के जालालाबाद स्थित ‘फायर क्रैकर्स’ नामक दुकान से खरीदकर मुजफ्फरनगर जिले के मीरापुर क्षेत्र में ले जा रहे थे। पूछताछ के दौरान आरोपी पटाखों की खरीद और परिवहन से संबंधित वैध लाइसेंस या परमिट प्रस्तुत नहीं कर सके। मामले में पुलिस की जांच जारी है।

मंडावर चौराहे पर चेकिंग के दौरान पकड़ी गई एंबुलेंस

जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम बिजनौर पुलिस मंडावर चौराहे पर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक एंबुलेंस में पटाखे ले जाए जा रहे हैं। पुलिस ने एंबुलेंस को रोकने का प्रयास किया तो चालक ने वाहन तेजी से निकालने की कोशिश की।

पुलिस ने बैरियर लगाकर एंबुलेंस को रोक लिया। इसके बाद वाहन की तलाशी ली गई तो उसमें पटाखों की नौ पेटियां मिलीं। इनमें रॉकेट, अनार, फूलझड़ी, सुतली बम समेत विभिन्न प्रकार की आतिशबाजी शामिल बताई गई है। बरामद पटाखों का कुल वजन करीब 105 किलोग्राम बताया गया है।

जालालाबाद से मीरापुर ले जाए जा रहे थे पटाखे

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने बिजनौर के जालालाबाद स्थित ‘फायर क्रैकर्स’ नामक दुकान से पटाखे खरीदे थे और उन्हें मुजफ्फरनगर जिले के मीरापुर क्षेत्र में ले जा रहे थे।

पुलिस का कहना है कि पटाखों की खरीद और परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे जाने पर आरोपी लाइसेंस या परमिट प्रस्तुत नहीं कर सके। अब जांच के दौरान पटाखों की खरीद, बिक्री और परिवहन से जुड़े तथ्यों का सत्यापन किया जाना महत्वपूर्ण होगा।

गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों की पहचान

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं—

  • सचिन कुमार, पुत्र सतीश कुमार
  • अशोक कुमार, पुत्र ईश्वर सिंह
  • अभिषेक, पुत्र सुरेश कुमार
  • सन्नी उर्फ वंश, पुत्र धर्मवीर

चारों आरोपी मुजफ्फरनगर जिले के मीरापुर क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।

पटाखों की खरीद और परिवहन की वैधता की होगी जांच

इस मामले में बरामदगी के साथ कुछ महत्वपूर्ण सवाल भी जुड़े हैं। पटाखे किस श्रेणी के थे, उनकी खरीद-बिक्री के लिए संबंधित पक्षों के पास आवश्यक अनुमति थी या नहीं और परिवहन के दौरान लागू सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं—इन बिंदुओं पर जांच जरूरी है।

पटाखों की मात्रा और प्रकृति के अनुसार संबंधित नियम लागू हो सकते हैं। ऐसे में केवल दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने की जानकारी के आधार पर किसी व्यक्ति या कारोबारी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित रिकॉर्ड, जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

त्योहारों के मौसम में सुरक्षा और नियमों के पालन पर जोर

त्योहारों के दौरान आतिशबाजी की मांग बढ़ने के साथ पटाखों के सुरक्षित भंडारण और परिवहन का मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो जाता है। पटाखों की अनुचित पैकिंग, असुरक्षित ढुलाई या नियमों के विपरीत भंडारण से आग और अन्य दुर्घटनाओं का खतरा पैदा हो सकता है।

ऐसे मामलों में पुलिस और संबंधित विभागों की कार्रवाई का उद्देश्य नियमों के पालन को सुनिश्चित करना और सुरक्षा जोखिमों को रोकना होता है। इस प्रकरण में भी बरामद पटाखों के स्रोत, आवश्यक दस्तावेजों और परिवहन की परिस्थितियों की जांच से स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

पुलिस की कार्रवाई जारी

फिलहाल पुलिस ने एंबुलेंस और बरामद पटाखों को अपने कब्जे में लेकर चार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन के आधार पर ही निकलेगा।

Target TV Live की नजर: बिजनौर में एंबुलेंस से पटाखों की बरामदगी ने आतिशबाजी की खरीद और परिवहन से जुड़े नियमों के पालन पर ध्यान आकर्षित किया है। अब जांच के जरिए यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है कि पटाखों के परिवहन में किन नियमों का पालन किया गया और किन बिंदुओं पर कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।

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