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Cyber Scam EXCLUSIVE: Telegram, बैंक खाते और कमीशन… बिजनौर में ऐसे चलता था साइबर ठगी का खेल

EXCLUSIVE 

Bijnor Cyber Scam: ₹5 लाख की ठगी से खुला ‘Money Mule’ नेटवर्क? कमीशन के लालच में बिक रहे बैंक खाते

Telegram कनेक्शन पर पुलिस की बड़ी पड़ताल
TargetTvLive Investigation | By Avnish Tyagi

बिजनौर। साइबर अपराधियों ने ठगी का तरीका बदल दिया है। अब वे सीधे लोगों के बैंक खाते नहीं हैक कर रहे, बल्कि कुछ हजार रुपये के कमीशन के बदले आम लोगों के बैंक खाते ही अपने नेटवर्क का हिस्सा बना रहे हैं। बिजनौर में सामने आया ताजा मामला इसी बदलते साइबर मॉडल की ओर इशारा करता है।

उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन CY-Vajra के तहत बिजनौर साइबर क्राइम थाना की कार्रवाई में दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस के अनुसार जांच की शुरुआत एसबीआई की चांदपुर शाखा के एक खाते से लगभग ₹5 लाख के संदिग्ध लेनदेन से हुई, जिसने पूरे नेटवर्क की परतें खोलनी शुरू कर दीं।

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आखिर कैसे चलता है यह खेल?

पुलिस जांच के अनुसार साइबर ठगी की रकम सीधे अपराधियों के खातों में नहीं जाती।

पूरे नेटवर्क का तरीका कुछ इस प्रकार बताया जा रहा है—

  •  पहले साइबर ठगी कर रकम हासिल की जाती है।
  • फिर वह रकम अलग-अलग लोगों के बैंक खातों में भेजी जाती है।
  • खाते का मालिक पैसा निकालता है।
  •  अपना कमीशन रखकर बाकी रकम कथित रूप से Telegram जैसे डिजिटल माध्यम से जुड़े लोगों तक पहुंचा दी जाती है।

यही वजह है कि जांच एजेंसियां अब केवल साइबर ठगों को नहीं, बल्कि ‘Money Mule’ (दूसरों के लिए पैसा निकालने वाले बैंक खाताधारकों) की भूमिका पर भी विशेष नजर रख रही हैं। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में ऐसी ही भूमिका स्वीकार की है।

₹41 हजार की बरामदगी से कहीं बड़ा है पूरा नेटवर्क?

पुलिस ने दो मोबाइल फोन और ₹41,030 नकद बरामद किए हैं।

लेकिन जांच का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह नहीं है कि कितनी नकदी मिली, बल्कि यह है कि क्या यह केवल एक छोटी कड़ी है या इसके पीछे बड़ा साइबर नेटवर्क सक्रिय है?

इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए पुलिस अब डिजिटल लेनदेन, मोबाइल डेटा और अन्य संभावित संपर्कों की जांच कर रही है।

Telegram क्यों बना जांच का अहम बिंदु?

पुलिस के अनुसार पूछताछ में Telegram के जरिए संपर्क होने की बात सामने आई है।

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म अपराधियों के लिए पहचान छिपाने का माध्यम बन सकते हैं। हालांकि, इस मामले में Telegram की भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

TargetTvLive Ground Analysis

यह मामला केवल दो लोगों की गिरफ्तारी नहीं है।

यह उस नए साइबर इकोसिस्टम की तस्वीर है जिसमें—

✔ बैंक खाते किराये पर लिए जा रहे हैं।

✔ कमीशन के नाम पर युवाओं को जोड़ा जा रहा है।

✔ डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए रकम तेजी से एक जगह से दूसरी जगह भेजी जा रही है।

✔ असली मास्टरमाइंड अक्सर सामने नहीं आते।

यदि यह प्रवृत्ति बढ़ती है तो साइबर अपराध से निपटना और चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

सबसे बड़ा सवाल

क्या आपके बैंक खाते का इस्तेमाल भी कोई दूसरा कर रहा है?

यदि हां, तो आप भी कानूनी जांच के दायरे में आ सकते हैं, भले ही आपने स्वयं किसी से ठगी न की हो।

कैसे बचें?

✔ अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए कभी न दें।

✔ कमीशन, पार्ट टाइम इनकम या आसान कमाई के नाम पर बैंक खाता उपलब्ध न कराएं।

✔ संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।

✔ साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी दर्ज करें।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन और ₹41,030 नकद बरामद करने का दावा किया है। मामले में अन्य संभावित आरोपियों और डिजिटल नेटवर्क की जांच जारी है। यह सभी तथ्य पुलिस जांच पर आधारित हैं और मामले का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।

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