स्टॉक मार्केट में मोटे मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगी, बिजनौर में दो शातिर गिरफ्तार
‘ऑपरेशन Cy-Vajra’ के तहत बढ़ापुर पुलिस की कार्रवाई, 22 हजार रुपये नकद बरामद; फर्जी दस्तावेजों और डिजिटल नेटवर्क से लोगों को बनाते थे शिकार
बिजनौर के बढ़ापुर में पुलिस ने ऑपरेशन Cy-Vajra के तहत दो साइबर ठग गिरफ्तार किए। स्टॉक मार्केट में निवेश का लालच देकर लोगों से ठगी करते थे। जानिए पूरा मामला।
रिपोर्ट : अवनीश त्यागी | TargetTvLive
बिजनौर। अगर आपको भी सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर स्टॉक मार्केट में कम समय में दोगुना-तीन गुना मुनाफा कमाने का लालच दिया जाए, तो सावधान हो जाइए। बिजनौर पुलिस ने ऐसे ही एक साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो लोगों को निवेश का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने में जुटे थे।
प्रदेशभर में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन Cy-Vajra’ के तहत बढ़ापुर पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) से मिले इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए अमरजीत सिंह और मनदीप सिंह उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया। दोनों बिजनौर के बढ़ापुर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।
ऐसे फंसाते थे लोगों को
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी अकाउंट, कूटरचित दस्तावेज और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर लोगों को स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का भरोसा दिलाते थे। निवेश के नाम पर रकम जमा कराने के बाद पैसा अलग-अलग राज्यों के बैंक खातों में ट्रांसफर कराया जाता था और बाद में एटीएम के जरिए नकद निकाल लिया जाता था। इस तरह दोनों संगठित तरीके से साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहे थे।
पुलिस ने क्या बरामद किया?
पूछताछ और तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साइबर ठगी से अर्जित 22 हजार रुपये नकद और दो आधार कार्ड बरामद किए। इनमें अमरजीत सिंह के पास से 18,300 रुपये, जबकि मनदीप सिंह के घर से 4,700 रुपये बरामद हुए हैं।
पहले से भी दर्ज हैं कई मुकदमे
जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी पहले भी कानून के शिकंजे में आ चुके हैं। अमरजीत सिंह के खिलाफ मारपीट और आर्म्स एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज हैं, जबकि मनदीप सिंह पर भी विभिन्न धाराओं और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज हैं। इससे साफ है कि दोनों का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है।
डिजिटल साक्ष्यों की हो रही जांच
पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
साइबर पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया, टेलीग्राम, व्हाट्सएप या किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्टॉक मार्केट या किसी भी निवेश योजना में पैसा न लगाएं। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।











