बिजनौर ने लगाया हरियाली का महाकुंभ… लेकिन क्या ये पौधे अगले मानसून तक बच पाएंगे?
कोर्ट, स्कूल और पुलिस लाइन में हजारों पौधे रोपे गए, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान बना जनआंदोलन… अब सबसे बड़ा सवाल संरक्षण का
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive Special
बिजनौर। रविवार को बिजनौर में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने पूरे जिले को हरियाली के रंग में रंग दिया। जनपद न्यायालय परिसर, रिजर्व पुलिस लाइन्स और परिषदीय विद्यालयों सहित जिले के अनेक स्थानों पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत हजारों पौधे लगाए गए। न्यायपालिका, प्रशासन, पुलिस, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और आम नागरिक एक ही उद्देश्य के साथ मैदान में उतरे—धरती को हरा-भरा बनाने का संकल्प।
लेकिन इस पूरे अभियान के बीच एक सवाल सबसे महत्वपूर्ण है—क्या लगाए गए पौधे आने वाले वर्षों में पेड़ बन पाएंगे, या यह अभियान सिर्फ एक दिन की तस्वीरों तक सीमित रह जाएगा?
सबसे पहले न्यायालय परिसर में गूंजा हरियाली का संदेश
माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के निर्देशानुसार जनपद न्यायालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने रुद्राक्ष और बरगद के पौधे लगाकर अभियान का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि वृक्ष मानव जीवन का आधार हैं। हर नागरिक को कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।
जनपद न्यायाधीश संजय कुमार सप्तम ने सिंदूर का पौधा रोपा। इसके बाद सभी न्यायिक अधिकारियों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
नौनिहालों ने दिखाई सबसे बड़ी भागीदारी
विकास खंड मोहम्मदपुर देवमल के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों ने पौधारोपण को उत्सव बना दिया। इको क्लब की टीमों ने शिक्षकों के साथ मिलकर हजारों पौधे लगाए।
प्राथमिक विद्यालय चांदपुर भेरू, तिमारपुर, गंजालपुर, पूर्व माध्यमिक विद्यालय फिरोजपुर मुबारक और पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय धर्मनगर सहित अनेक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं ने अपने हाथों से पौधे लगाए और उन्हें सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।
खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि सभी विद्यालयों में पौधों की जियो टैगिंग कराई गई है, ताकि उनकी नियमित निगरानी की जा सके।
पुलिस लाइन में भी हरियाली का संदेश
रिजर्व पुलिस लाइन्स में पुलिस अधीक्षक ने पौधारोपण कर पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
TargetTvLive | एक नजर में
- न्यायालय परिसर में न्यायमूर्ति ने किया पौधारोपण।
- जनपद न्यायाधीश सहित न्यायिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी।
- परिषदीय विद्यालयों में हजारों पौधे रोपे गए।
- इको क्लब और बच्चों ने अभियान को जनभागीदारी का रूप दिया।
- रिजर्व पुलिस लाइन्स में पुलिस अधीक्षक ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश।
- कई स्थानों पर पौधों की जियो टैगिंग भी कराई गई।
TargetTvLive | पांच बड़े सवाल
1. क्या लगाए गए सभी पौधों की नियमित सिंचाई होगी?
वृक्षारोपण के बाद सबसे बड़ी चुनौती पौधों को पानी और सुरक्षा उपलब्ध कराना है।
2. जियो टैगिंग के बाद क्या नियमित निगरानी होगी?
यदि समय-समय पर समीक्षा नहीं हुई तो जियो टैगिंग का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।
3. क्या प्रत्येक विभाग पौधों की जिम्मेदारी तय करेगा?
केवल पौधे लगाने से काम नहीं चलेगा। संरक्षण के लिए जिम्मेदार अधिकारी और संस्थान भी तय होने चाहिए।
4. क्या स्कूलों के बच्चे इन पौधों के ‘ग्रीन गार्जियन’ बनेंगे?
यदि प्रत्येक पौधे को किसी छात्र या इको क्लब से जोड़ा जाए तो उसके जीवित रहने की संभावना कई गुना बढ़ सकती है।
5. अगले मानसून तक कितने पौधे जीवित रहेंगे?
यही आंकड़ा तय करेगा कि अभियान केवल रिकॉर्ड था या वास्तव में सफल पर्यावरणीय पहल।
विश्लेषण | तस्वीरों से आगे बढ़ने की जरूरत
हर वर्ष लाखों पौधे लगाए जाते हैं, लेकिन कई बार उनका बड़ा हिस्सा कुछ महीनों में ही नष्ट हो जाता है। इस बार सकारात्मक पहल यह है कि न्यायपालिका, प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग ने मिलकर अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ा है।
यदि पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा, जियो टैगिंग की समीक्षा और स्थानीय समुदाय की भागीदारी लगातार बनी रही, तो यह अभियान बिजनौर को हरित जिले के रूप में नई पहचान दिला सकता है।
TargetTvLive Verdict
पौधा लगाना एक दिन का काम है, लेकिन उसे पेड़ बनाना कई वर्षों की जिम्मेदारी।
बिजनौर ने हरियाली की दिशा में मजबूत शुरुआत कर दी है। अब असली परीक्षा यह होगी कि आने वाले महीनों में लगाए गए पौधों की कितनी प्रभावी देखभाल होती है। यदि यह जिम्मेदारी निभाई गई, तो आज लगाए गए पौधे आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, ठंडी छांव और सुरक्षित पर्यावरण की अमूल्य धरोहर बनेंगे।
— अवनीश त्यागी
Editor | TargetTvLive












