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एक दिन में 66 लाख से ज्यादा पौधे… क्या बिजनौर रचेगा हरित इतिहास? नोडल अधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

बिजनौर में कल 66 लाख पौधे लगेंगे, नोडल अधिकारी का बड़ा आदेश—हर पौधे की होगी जियो टैगिंग

जियो टैगिंग से लेकर पौधों की सुरक्षा तक होगी निगरानी, ड्रोन कैमरों में कैद होगा पूरा अभियान
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive

बिजनौर। बिजनौर रविवार को प्रदेश के सबसे बड़े वृक्षारोपण अभियानों में शामिल होने जा रहा है। जिले में एक ही दिन में 66 लाख 18 हजार 500 पौधे लगाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इससे पहले शनिवार को शासन के नामित नोडल अधिकारी योगेश कुमार ने कलेक्ट्रेट सभागार में तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस बार केवल पौधे लगाना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि हर पौधे का सुरक्षित रहना और उसकी जियो टैगिंग भी उतनी ही जरूरी है।

उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि पौधों का उठान समय से पूरा हो, उन्हें चिन्हित स्थानों पर सुरक्षित रखा जाए और पौधारोपण के बाद प्रत्येक पौधे का विवरण निर्धारित पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से अपलोड किया जाए। उन्होंने साफ कहा कि जियो टैगिंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

75.99 लाख पौधों का लक्ष्य, अब सबसे बड़ी परीक्षा कल

वन विभाग के अनुसार वर्ष 2026-27 में बिजनौर को 75 लाख 99 हजार 500 पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। इनमें से 9 लाख 81 हजार पौधे पहले ही लगाए जा चुके हैं। अब शेष 66 लाख 18 हजार 500 पौधों का रोपण रविवार को होने वाले वृहद अभियान में किया जाएगा।

प्रशासन का दावा है कि पौधों की उपलब्धता, रोपण स्थलों का चयन, विभागवार जिम्मेदारियां और अन्य सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

ड्रोन से होगी निगरानी, हर तस्वीर बनेगी रिकॉर्ड

इस बार अभियान को पूरी तरह तकनीक से जोड़ दिया गया है। नोडल अधिकारी ने निर्देश दिए कि पूरे कार्यक्रम की ड्रोन से वीडियो रिकॉर्डिंग और उच्च गुणवत्ता की फोटोग्राफी कराई जाए, ताकि अभियान की पारदर्शिता और जनभागीदारी का पूरा रिकॉर्ड तैयार हो सके।

साथ ही ग्राम प्रधानों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों और आम लोगों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि यह अभियान सरकारी कार्यक्रम न रहकर जनआंदोलन का रूप ले सके।

सिर्फ पौधे लगाना नहीं, उन्हें बचाना भी होगी जिम्मेदारी

बैठक में सबसे अधिक जोर पौधों के संरक्षण पर दिया गया। नोडल अधिकारी ने कहा कि पौधारोपण के बाद नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित की जाए, ताकि अधिक से अधिक पौधे जीवित रह सकें।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अभियान की सफलता का असली पैमाना लगाए गए पौधों की संख्या नहीं, बल्कि कुछ महीनों बाद उनकी जीवितता होगी।

डीएम जसजीत कौर ने दिया भरोसा

जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कहा कि शासन के सभी निर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन कराया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति के साथ-साथ पौधों का संरक्षण, जियो टैगिंग और नियमित मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अंशिका दीक्षित, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र सिंह, उप जिलाधिकारी सदर रितु रानी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

TargetTvLive विश्लेषण

हर साल करोड़ों पौधे लगाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन असली सवाल यह होता है कि कुछ महीनों बाद उनमें से कितने पौधे जीवित रहते हैं। यही कारण है कि इस बार शासन ने केवल पौधारोपण नहीं, बल्कि जियो टैगिंग, ड्रोन मॉनिटरिंग और पौधों के संरक्षण को अभियान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।

यदि प्रशासन निगरानी और संरक्षण की इसी गंभीरता को जमीन पर भी लागू कर पाया, तो बिजनौर न केवल लक्ष्य पूरा करेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रदेश के लिए एक मिसाल भी बन सकता है।

बिजनौर में रविवार को 66.18 लाख पौधों के महाअभियान से पहले नोडल अधिकारी योगेश कुमार ने तैयारियों की समीक्षा की। जियो टैगिंग, ड्रोन निगरानी और पौधों के संरक्षण को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।

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