बिजनौर में डिजिटल बदलाव की नई शुरुआत: 509 विद्युत सखियों को मिला थर्मल प्रिंटर, अब घर-घर मिलेगी तुरंत रसीद
TargetTvLive | बिजनौर
बिजनौर में बिजली बिल संग्रह व्यवस्था को डिजिटल, पारदर्शी और अधिक भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने जिला स्तरीय कन्वर्जेंस समिति की बैठक के दौरान जनपद की 509 विद्युत सखियों को निःशुल्क थर्मल प्रिंटर वितरित किए। इस पहल के बाद अब उपभोक्ताओं को बिजली बिल जमा करते ही मौके पर रसीद मिलेगी, जिससे भुगतान प्रक्रिया पहले से अधिक सुरक्षित और पारदर्शी होगी।
यह कदम केवल तकनीकी सुविधा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार, महिला सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं की प्रभावी पहुंच का भी महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ
अब तक कई ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली बिल जमा करने के बाद रसीद मिलने में समय लगता था। थर्मल प्रिंटर मिलने से विद्युत सखियां भुगतान के तुरंत बाद रसीद जारी कर सकेंगी। इससे उपभोक्ताओं को भुगतान का तत्काल प्रमाण मिलेगा और किसी भी प्रकार के विवाद या भ्रम की संभावना कम होगी।
हर महीने दो करोड़ रुपये से अधिक का संग्रह
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में कार्यरत 509 विद्युत सखियां गांव-गांव और घर-घर जाकर प्रत्येक माह दो करोड़ रुपये से अधिक के बिजली बिल का संग्रह करती हैं। इतनी बड़ी धनराशि के संग्रह में डिजिटल रसीद व्यवस्था पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत करेगी।
महिलाओं की आर्थिक ताकत बन रही है ‘विद्युत सखी योजना’
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के संयुक्त तत्वावधान में संचालित यह योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार का मजबूत माध्यम बन चुकी है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं इस योजना के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 15 से 20 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इससे वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं बल्कि गांवों में डिजिटल सेवाओं की प्रतिनिधि भी बन रही हैं।
प्रशासन का उद्देश्य: सेवा भी, सशक्तिकरण भी
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कहा कि शासन की प्राथमिकता महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। विभिन्न विभागों के समन्वय से ऐसी योजनाओं को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सेवाएं और रोजगार दोनों सुनिश्चित किए जा सकें।
क्या बदल जाएगा?
- बिजली बिल जमा करते ही तत्काल रसीद मिलेगी।
- बिल संग्रह प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।
- उपभोक्ताओं का विश्वास और सुविधा बढ़ेगी।
- विद्युत सखियों का कार्य आसान और तेज होगा।
- ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, डीसी मनरेगा, विद्युत विभाग के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में विद्युत सखियां उपस्थित रहीं।
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