“अब नहीं सहेंगे शोषण!” कलेक्ट्रेट में गरजे किसान, डीएम को सौंपा बड़ा ज्ञापन
भाकियू लोकशक्ति की हुंकार: “शोषण नहीं सहेंगे”—कलेक्ट्रेट में गरजी पंचायत, प्रशासन को दी सीधी चेतावनी
📍 बिजनौर | अवनीश त्यागी, TargetTvLive
बिजनौर में किसानों का गुस्सा अब सड़कों से निकलकर सीधे प्रशासनिक दफ्तरों तक पहुंच चुका है। सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) की मासिक पंचायत एक बड़े शक्ति प्रदर्शन में तब्दील हो गई, जहां जिलेभर से आए किसानों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए साफ कर दिया—अगर अब भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो एक व्यापक और निर्णायक आंदोलन शुरू होगा।
प्रदूषण बना ‘साइलेंट किलर’, किसानों ने खोला मोर्चा
पंचायत की अगुवाई कर रहे जिलाध्यक्ष चौ. वीर सिंह सहरावत ने फैक्ट्रियों से निकलने वाले जहरीले धुएं और दूषित जल को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह प्रदूषण धीरे-धीरे जनजीवन को खत्म कर रहा है और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को जन्म दे रहा है।
💬 “यह सिर्फ पर्यावरण का नहीं, हमारे अस्तित्व का सवाल है। अब चुप नहीं बैठेंगे,” — सहरावत
👉 उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द ही प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ बड़ा जनअभियान छेड़ा जाएगा।
स्मार्ट मीटर पर बवाल: “तकनीक नहीं, शोषण का नया तरीका”
किसानों ने स्मार्ट मीटर को लेकर खुलकर नाराजगी जाहिर की। उनका आरोप है कि बिजली विभाग इस व्यवस्था के जरिए ग्रामीण उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण कर रहा है।
💥 पंचायत में गूंजा नारा:
“स्मार्ट मीटर वापस लो, किसान विरोध बंद करो!”
👉 जिलाध्यक्ष ने दो टूक कहा—
“न घरों पर, न नलकूपों पर—स्मार्ट मीटर किसी कीमत पर नहीं लगने देंगे।”
‘खनन माफिया’ पर वार, प्रशासन पर सवाल
जनपद में दिन-रात चल रहे अवैध खनन ने किसानों का गुस्सा और भड़का दिया। पंचायत में आरोप लगे कि प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी कार्रवाई नहीं कर रहा।
👉 किसानों ने मांग उठाई कि अवैध खनन पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रोक लगाई जाए, वरना आंदोलन तेज किया जाएगा।
गुलदार का आतंक: खेत-खलिहान में डर का साया
ग्रामीण इलाकों में आदमखोर गुलदारों के बढ़ते हमलों को लेकर भी किसानों में भारी आक्रोश है। पंचायत में कई किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अब खेतों में काम करना भी जोखिम भरा हो गया है।
👉 किसानों ने प्रशासन से तत्काल ठोस कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की।
कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन, डीएम ने दिया भरोसा
पंचायत के बाद भाकियू लोकशक्ति के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी जसजीत कौर को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों की ज्वलंत समस्याओं को उठाते हुए शीघ्र समाधान की मांग की गई।
👉 जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि
“जनपद स्तर की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा और बाकी मांगों को शासन तक पहुंचाया जाएगा।”
किसानों की 10 बड़ी मांगें—जो तय करेंगी आंदोलन की दिशा
✔️ प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों पर सख्त कार्रवाई
✔️ गन्ना भुगतान 14 दिन में सुनिश्चित
✔️ सहकारी समितियों की ब्याज दर 3% की जाए
✔️ स्मार्ट मीटर लगाने पर पूर्ण रोक
✔️ आदमखोर गुलदारों से मुक्ति
✔️ सुंदरवाली में अवैध खनन पर तत्काल रोक
✔️ गंगा कटान रोकने के लिए स्थायी तटबंध
✔️ किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ
✔️ 60 वर्ष से अधिक आयु वालों को ₹10,000 मासिक पेंशन
✔️ नांगल सोती में आधार सेवा केंद्र की स्थापना
पंचायत में उमड़ा जनसैलाब
इस पंचायत में राष्ट्रीय महासचिव चौ. पदम सिंह, चौ. सतबीर सिंह, चौ. देवेंद्र प्रधान, चौ. शेर सिंह, गौरव चौधरी, डॉ. अरुण कुमार, योगेंद्र सिंह काकरान, नरेश कुमार सहित सैकड़ों किसान और संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।
आने वाले दिनों में क्या होगा?
भाकियू लोकशक्ति के तेवर और किसानों की एकजुटता साफ संकेत दे रही है कि बिजनौर अब एक बड़े किसान आंदोलन की दहलीज पर खड़ा है।
अगर प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो यह विरोध राज्य स्तर का बड़ा मुद्दा बन सकता है।
👉 रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive












