“अब हर गांव में बहेगा विकास का जल!”—डीएम जसजीत कौर का अल्टीमेटम, सीमावर्ती इलाकों में पाइप जल योजना पर सख्ती
बिजनौर | 20 अप्रैल 2026 | रिपोर्ट: अवनीश त्यागी, TargetTvLive
बिजनौर के सीमावर्ती गांवों में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब किसी भी गांव को जल संकट से जूझने नहीं दिया जाएगा।
कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में आयोजित जिला तकनीकी इकाई, जल निगम (ग्रामीण) की महत्वपूर्ण बैठक में डीएम का रुख बेहद सख्त नजर आया। उन्होंने अधिशासी अभियंता और कार्यदायी संस्थाओं को चेतावनी देते हुए कहा—“हर हाल में हर घर तक पाइप से पानी पहुंचना सुनिश्चित करें, लापरवाही पर सीधे कार्रवाई होगी।”
सीमावर्ती गांवों में मिशन मोड पर ‘हर घर जल’
डीएम ने निर्देश दिए कि सीमावर्ती क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए पानी की टंकियों का निर्माण तेजी से पूरा किया जाए और हर घर तक पाइपलाइन के जरिए शत-प्रतिशत जल कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए।
👉 उन्होंने कहा कि यह कार्य केवल योजना नहीं, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर से जुड़ा मूलभूत अधिकार है।
सार्वजनिक स्थलों तक भी पहुंचेगा पानी
पेयजल व्यवस्था को व्यापक बनाते हुए डीएम ने स्पष्ट किया कि:
- स्कूल
- पंचायत भवन
- मंदिर
- बारात घर
इन सभी स्थानों पर भी जल कनेक्शन अनिवार्य रूप से कराए जाएं।
👉 इससे गांवों में सामाजिक और सार्वजनिक जीवन की गुणवत्ता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
जल संकट की गंभीरता पर डीएम की चिंता
बैठक में डीएम ने सीमावर्ती गांवों की जमीनी हकीकत को उजागर करते हुए कहा कि कई क्षेत्रों में मानक के अनुरूप जल स्रोत उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में ग्रामीण हैंडपंप तक नहीं लगवा पा रहे, जिससे पानी की भारी किल्लत बनी हुई है।
👉 इसी को देखते हुए पाइप पेयजल योजना को इन इलाकों के लिए “जीवनरेखा” के रूप में लागू किया जा रहा है।
निर्माण कार्यों पर सख्त निगरानी, सड़क मरम्मत अनिवार्य
डीएम जसजीत कौर ने साफ निर्देश दिए कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान जहां भी सड़कों की खुदाई हो, वहां तुरंत और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाए।
✔️ कार्य समयबद्ध हो
✔️ गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
✔️ ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो
👉 उन्होंने चेताया कि लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
‘जीरो टॉलरेंस’ का संदेश
डीएम ने दो टूक कहा:
➡️ “सीमावर्ती क्षेत्र का एक भी गांव जलापूर्ति से वंचित नहीं रहना चाहिए।”
👉 यह बयान प्रशासन की सख्ती और प्रतिबद्धता दोनों को साफ दर्शाता है।
क्या बदलेगा इस फैसले से?
- हर घर तक स्वच्छ पेयजल की पहुंच
- हैंडपंप पर निर्भरता में कमी
- जलजनित बीमारियों में गिरावट
- ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार
- सीमावर्ती क्षेत्रों में तेज विकास
निष्कर्ष: अब पानी बनेगा बदलाव की धारा
बिजनौर प्रशासन का यह कदम सिर्फ एक आदेश नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की दिशा में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अगर जमीनी स्तर पर तेजी से अमल हुआ, तो आने वाले समय में सीमावर्ती गांवों की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
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