यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 40 आईएएस अधिकारियों के तबादले, कई जिलों के डीएम बदले
ऊर्जा, शिक्षा, खाद्य, पर्यटन समेत अहम विभागों में बदलाव—कई जिलों को मिले नए जिलाधिकारी, शासन ने जारी की विस्तृत सूची

📍 लखनऊ, संवाददाता
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बड़े स्तर पर आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। जारी आदेश के अनुसार कुल 40 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिनमें कई जिलों के जिलाधिकारी (DM) बदले गए हैं, जबकि कई वरिष्ठ अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभागों में तैनाती दी गई है।
इस फेरबदल में झांसी, अमरोहा, सहारनपुर, रायबरेली, आगरा, उन्नाव, मैनपुरी, बुलंदशहर, लखीमपुर खीरी सहित कई जिलों में नए जिलाधिकारी नियुक्त किए गए हैं। शासन का मानना है कि इस बदलाव से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
प्रमुख बदलाव एक नजर में

- गौरांग राठी को उन्नाव से हटाकर झांसी का जिलाधिकारी बनाया गया
- कुमार हर्ष को सुल्तानपुर से बुलंदशहर भेजा गया
- निधि गुप्ता वत्स अब फतेहपुर की नई जिलाधिकारी होंगी
- अंशुल कुमार सिंह को मैनपुरी से लखीमपुर खीरी भेजा गया
- अरविंद मल्लप्पा बंगारी को आगरा से हटाकर मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सचिव बनाया गया
विभागीय स्तर पर बड़े बदलाव
इस तबादला सूची में केवल जिलों तक ही सीमित बदलाव नहीं हुए, बल्कि शासन स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण फेरबदल किए गए हैं—
- ऊर्जा, खाद्य एवं रसद, MSME, पर्यटन और शिक्षा विभाग में नई नियुक्तियां
- परिवहन आयुक्त, माध्यमिक शिक्षा सचिव, बाल विकास एवं पुष्टाहार निदेशक जैसे अहम पदों पर नए अधिकारी तैनात
- यूपी पावर कॉरपोरेशन और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में भी नेतृत्व परिवर्तन
विकास प्राधिकरण और CDO स्तर पर भी असर
- झांसी और हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण में नए उपाध्यक्ष नियुक्त
- कई जिलों में मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) का भी तबादला
- युवा आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के साथ जिलों में भेजा गया
सरकार का उद्देश्य
सरकार का कहना है कि यह तबादला प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, विकास योजनाओं को गति देने और बेहतर शासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। खासतौर पर उन जिलों में बदलाव किया गया है जहां विकास कार्यों को नई दिशा देने की जरूरत महसूस की गई।
क्या है संकेत?
विशेषज्ञों के अनुसार यह फेरबदल आगामी योजनाओं और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि सरकार मैदान स्तर पर कामकाज को और अधिक परिणामदायी बनाना चाहती है।
यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल प्रदेश की नौकरशाही में नई ऊर्जा भरने वाला माना जा रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि नए अधिकारी अपने-अपने जिलों और विभागों में किस तरह बदलाव लाते हैं।












