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बड़ा सवाल: क्या खेतों में डाला जा रहा है नकली कीटनाशक? बिजनौर में प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई

बिजनौर में कीटनाशकों पर सख्ती! वेव शुगर मिल के गोदाम से उठे नमूने—क्या किसानों तक पहुँच रहा है ‘सही जहर’?

प्रशासन का एक्शन मोड—निरीक्षण में खामियों की आशंका, लैब रिपोर्ट तय करेगी असली सच्चाई

📍 बिजनौर | डिजिटल डेस्क

जनपद बिजनौर में कृषि विभाग की सक्रियता एक बार फिर चर्चा में है। 18 अप्रैल 2026 को वेव शुगर मिल के कीटनाशी गोदाम पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया और वरिष्ठ प्राविधिक सहायक (ग्रुप-ए) की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण कर व्यवस्था की हकीकत परखने की कोशिश की।

यह महज एक औपचारिक निरीक्षण नहीं, बल्कि किसानों तक पहुँच रहे कीटनाशकों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाली कार्रवाई मानी जा रही है।

क्या मिला निरीक्षण में?

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने:

  • गोदाम में रखे सभी दस्तावेजों की गहन जांच की
  • कीटनाशकों के भंडारण और स्टॉक की स्थिति परखी
  • दो संदिग्ध कीटनाशकों के नमूने जांच के लिए सील कर लैब भेजे

यह कदम सीधे तौर पर इस आशंका को दर्शाता है कि बाजार में उपलब्ध कीटनाशकों की गुणवत्ता पूरी तरह भरोसेमंद नहीं है।

क्यों अहम है यह कार्रवाई?

बिजनौर जैसे कृषि प्रधान जिले में कीटनाशक सिर्फ उत्पाद नहीं, बल्कि किसानों की फसल और आय का आधार हैं। ऐसे में यदि:

  • दवाइयां मिलावटी हों
  • या मानक के अनुरूप न हों

तो इसका सीधा असर उत्पादन और किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि घटिया कीटनाशक न सिर्फ फसल को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि मिट्टी और पर्यावरण को भी दीर्घकालिक हानि पहुंचाते हैं।

प्रशासन के सख्त निर्देश

निरीक्षण के दौरान भंडार प्रभारी को साफ निर्देश दिए गए:

  • केवल गुणवत्ता युक्त कीटनाशकों की बिक्री सुनिश्चित करें
  • हर किसान को बिक्री का बिल देना अनिवार्य करें

यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और कालाबाजारी रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अब नजर लैब रिपोर्ट पर

सबसे अहम सवाल अब यह है कि:
👉 क्या अधिग्रहित नमूने मानकों पर खरे उतरेंगे?
👉 या फिर कोई बड़ा खुलासा होने वाला है?

लैब रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किसानों को जो दवाइयां दी जा रही हैं, वे सुरक्षित हैं या नहीं।

ग्राउंड रियलिटी: किसान क्या कहते हैं?

स्थानीय किसानों का कहना है कि:

“अक्सर दवाइयां असर नहीं करतीं, जिससे लागत बढ़ती है और नुकसान होता है।”

ऐसे में यह कार्रवाई किसानों के भरोसे को मजबूत करने की दिशा में एक जरूरी कदम मानी जा रही है।

विश्लेषण: दिखावे से आगे बढ़ने की जरूरत

हालांकि निरीक्षण जैसी कार्रवाइयां सकारात्मक संकेतनियमित सैंपलिंग

सख्त दंडात्मक कार्रवाई

और सप्लाई चेन की निगरानी

के बिना इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।

जनपद बिजनौर में कृषि विभाग की सक्रियता एक बार फिर चर्चा में है। 18 अप्रैल 2026 को वेव शुगर मिल के कीटनाशी गोदाम पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया और वरिष्ठ प्राविधिक सहायक (ग्रुप-ए) की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण कर व्यवस्था की हकीकत परखने की कोशिश की।

यह महज एक औपचारिक निरीक्षण नहीं, बल्कि किसानों तक पहुँच रहे कीटनाशकों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाली कार्रवाई मानी जा रही है।

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