खाद नहीं, पानी नहीं, भुगतान नहीं… बिजनौर में किसानों ने खोला मोर्चा
खाद-बिजली से लेकर गन्ना भुगतान तक गरजे किसान, बोले- अब और बर्दाश्त नहीं होगी अनदेखी
By Avnish Tyagi | TargetTvLive
भारतीय किसान यूनियन की मासिक पंचायत गुरुवार को गन्ना समिति परिसर बिजनौर में किसानों के आक्रोश का बड़ा मंच बन गई। पंचायत में जिलेभर से पहुंचे किसानों ने खेती-किसानी से जुड़ी बदहाल व्यवस्थाओं पर जमकर नाराजगी जताई और प्रशासन को साफ चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
पंचायत की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सुनील प्रधान ने की, जबकि संचालन मुखिया महासचिव मुकेश जांगला ने किया। पंचायत के बाद किसानों ने सात सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी बिजनौर के नाम तहसीलदार सदर आशीष सक्सेना को सौंपा।
“खाद के लिए लाइन, बिजली के लिए इंतजार… आखिर किसान जाए तो जाए कहां?”
पंचायत में किसानों का दर्द खुलकर सामने आया। नेताओं ने कहा कि खेती का मौसम शुरू होते ही किसान यूरिया और डीएपी खाद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हो जाते हैं। घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल रही, जबकि कालाबाजारी की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।
किसानों ने आरोप लगाया कि सिंचाई के लिए नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा, ऊपर से बिजली कटौती ने खेती को बर्बादी के मुहाने पर ला खड़ा किया है। किसानों ने मांग की कि गांवों में बिना कटौती लगातार बिजली सप्लाई दी जाए ताकि फसलें सूखने से बच सकें।
डीजल पर भी ‘दफ्तरशाही’ का बोझ, किसान परेशान
भाकियू नेताओं ने कहा कि किसानों को डीजल खरीदते समय फर्द और कागजों के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। खेती पहले ही महंगी हो चुकी है, ऊपर से सरकारी प्रक्रियाओं ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
नीलगाय और गुलदार से तबाह हो रही फसलें
पंचायत में जंगली जानवरों का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठा। किसानों ने कहा कि नीलगाय और गुलदार खेतों में भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। रातभर किसान खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं, लेकिन प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा।
गन्ना भुगतान बना किसानों की सबसे बड़ी पीड़ा
किसानों ने बिलाई शुगर मिल पर बकाया गन्ना भुगतान जल्द कराने की मांग उठाई। पंचायत में कहा गया कि भुगतान में देरी से किसान कर्ज और आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं। समय पर भुगतान न मिलने से खेती का पूरा सिस्टम प्रभावित हो रहा है।
टूटी सड़कें बनी ग्रामीणों की मुसीबत
ग्रामीण संपर्क मार्गों की बदहाली पर भी किसानों ने प्रशासन को घेरा। पंचायत में कहा गया कि गांवों की सड़कें इतनी खराब हो चुकी हैं कि लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है। किसानों ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की।
हरिद्वार चिंतन शिविर के लिए भाकियू का बड़ा आह्वान
जिला अध्यक्ष सुनील प्रधान ने 15 जून से 18 जून तक हरिद्वार में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय चिंतन शिविर में अधिक से अधिक किसानों से पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह शिविर किसानों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगा। शिविर में भंडारा और गंगा स्नान कार्यक्रम भी आयोजित होगा।
पंचायत में उमड़ा किसानों का जनसैलाब
पंचायत में विजयपाल सिंह, महेंद्र सिंह, रामोतार सिंह, इशूराज राणा, मनप्रीत संधू, महिपाल सिंह, कल्याण सिंह, कोमन सिंह, राजेंद्र सिंह, जयप्रकाश राजपूत, गजेंद्र सिंह, सोनू विरक, चंद्रपाल सिंह, हरिराज सिंह, नितिन राणा, नरदेव सिंह, दिनेश कुमार, जितेंद्र सिंह, आशु चौधरी, संदीप त्यागी, सूर्य बालियान, रामपाल सिंह, विनीत चौधरी, अमित चानमान, मुनेंद्र काकरान, हनीफ, नीटू चौधरी, विनीत मौर्य, विकास कुमार, अरुण कुमार, रोहित राणा, परविंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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